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जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता के लिए साइबर सुरक्षा को समझना जरूरी है : प्रो. नीलोफर
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केयू में एआई के युग में साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम । स्रोत केयू
- फोटो : बस स्टेशन परिसर में खड़ीं बसें।
- कश्मीर विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में साइबर सुरक्षा विषय पर हो रहा कार्यक्रम
- उद्घाटन करते हुए कुलपति प्रो. नीलोफर ने कहा छात्र डिजिटल दुनिया की पूरी जानकारी रखें
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। तकनीकी प्रगति के साथ-साथ साइबर नैतिकता और डेटा सुरक्षा के बारे में गहरी जागरूकता भी होनी चाहिए। जैसे-जैसे एआई हमारे जीवन में गहराई से समाहित होता जा रहा है, जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता के लिए साइबर सुरक्षा को समझना आवश्यक है। विश्वविद्यालय अपने छात्रों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित, जिम्मेदार और गहन जागरूकता के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह बातें कश्मीर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलोफर खान ने कही। वह शुक्रवार को केयू के जकूरा परिसर स्थित प्रौद्योगिकी संस्थान (आईओटी) की ओर से वैश्विक साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के उपलक्ष्य में आयोजित कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में साइबर सुरक्षा विषय पर आयोजित दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।
शैक्षणिक मामलों के डीन प्रो. शरीफुद्दीन पीरजादा ने साइबर सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में अंतः विषय सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम तकनीक और नीति के बीच की खाई को पाटने में मदद करते हैं। डीआईजी ट्रैफिक कश्मीर शेख जुनैद महमूद ने डिजिटल युग में साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे को देखते हुए छात्रों से जागरूक डिजिटल नागरिक के रूप में कार्य करने का आग्रह किया।
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कार्यक्रम को रजिस्ट्रार प्रो. नसीर इकबाल, आईओटी जकूरा कैंपस के निदेशक प्रो. तारिक बंदे ने भी संबोधित किया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा पेशेवरों और शिक्षाविदों की ओर से एआई अनुप्रयोगों, डिजिटल गोपनीयता और सुरक्षा पर केंद्रित विशेषज्ञ सत्र और सामूहिक चर्चाएं भी शामिल हैं।
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- उद्घाटन करते हुए कुलपति प्रो. नीलोफर ने कहा छात्र डिजिटल दुनिया की पूरी जानकारी रखें
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। तकनीकी प्रगति के साथ-साथ साइबर नैतिकता और डेटा सुरक्षा के बारे में गहरी जागरूकता भी होनी चाहिए। जैसे-जैसे एआई हमारे जीवन में गहराई से समाहित होता जा रहा है, जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता के लिए साइबर सुरक्षा को समझना आवश्यक है। विश्वविद्यालय अपने छात्रों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित, जिम्मेदार और गहन जागरूकता के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह बातें कश्मीर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलोफर खान ने कही। वह शुक्रवार को केयू के जकूरा परिसर स्थित प्रौद्योगिकी संस्थान (आईओटी) की ओर से वैश्विक साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के उपलक्ष्य में आयोजित कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में साइबर सुरक्षा विषय पर आयोजित दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।
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शैक्षणिक मामलों के डीन प्रो. शरीफुद्दीन पीरजादा ने साइबर सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में अंतः विषय सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम तकनीक और नीति के बीच की खाई को पाटने में मदद करते हैं। डीआईजी ट्रैफिक कश्मीर शेख जुनैद महमूद ने डिजिटल युग में साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे को देखते हुए छात्रों से जागरूक डिजिटल नागरिक के रूप में कार्य करने का आग्रह किया।
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कार्यक्रम को रजिस्ट्रार प्रो. नसीर इकबाल, आईओटी जकूरा कैंपस के निदेशक प्रो. तारिक बंदे ने भी संबोधित किया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा पेशेवरों और शिक्षाविदों की ओर से एआई अनुप्रयोगों, डिजिटल गोपनीयता और सुरक्षा पर केंद्रित विशेषज्ञ सत्र और सामूहिक चर्चाएं भी शामिल हैं।