{"_id":"68ec1238c4838141d1043d1c","slug":"srinagar-gulmarg-after-snowfall-tourist-increase-srinagar-news-c-10-lko1027-736604-2025-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: गुलमर्ग पर्यटकों से गुलजार, बर्फबारी के बाद बढ़ा उत्साह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: गुलमर्ग पर्यटकों से गुलजार, बर्फबारी के बाद बढ़ा उत्साह
विज्ञापन
गुलमर्ग के गंडोला फेज-़ में मौजूद पर्यटक। अमर उजाला
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- पर्यटक बोले-कश्मीर वाकई धरती की जन्नत है, कश्मीरियों की मेहमाननवाजी भी आ रही पसंद
अजीम यूसुफ
गुलमर्ग। मौसम का मिजाज बदला तो अक्तूबर के पहले सप्ताह में ही कश्मीर के ऊपरी हिस्सों में खूब बर्फबारी हुई। यही बर्फ से ढकी चोटियां पर्यटकों को अपनी ओर खींच रही हैं। आने वाले पर्यटक भी इसे देख बोल उठे कश्मीर वाकई धरती की जन्नत है। यहां आए थे घूमने के लिए बर्फ ने उनका मजा दोगुना कर दिया।
रविवार को सुबह से ही गुलमर्ग में काफी रौनक थी। एक ओर जबरवन लीजेंड्स सीरीज- डाउनहिल एमटीबी प्रतियोगिता की तैयारी चल रही थी तो दूसरी गंडोला से पहाड़ पर जाने वालों की कतार लगी थी। गंडोला में सवार होकर सुबह करीब 11 बजे अमर उजाला की टीम फेज-1 में पहुंची तो यहां भी अच्छी संख्या में पर्यटक नजर आए।
तमिलनाडु के पनीर सेल्वम अपने परिवार के साथ यहां आए हुए थे। अमर उजाला ने उनसे बात की तो उन्होंने बताया कि दो दिन पहले वह कश्मीर आए हैं। पहले श्रीनगर पहुंचे फिर जब यहां पर बर्फ के बारे में सुना तो दोनों बेटियों ने यहां आने की ख्वाहिश जताई। बेटियों और पत्नी के साथ यहां आया हूं। काफी खूबसूरत दृश्य है। वाकई कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है तो वह सही है। यहां की सुरक्षा व्यवस्था और माहौल के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि कश्मीरियों की मेहमाननवाजी के बारे में सुना था, अब देख भी लिया। सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी है। डर जैसी कोई बात नहीं है। लोगों को यहां आकर खुद देखना चाहिए।
विज्ञापन
यहां डर जैसी कोई बात नहीं है
वहां से आगे बढ़े तो महाराष्ट्र के कोल्हापुर से आए पर्यटकों का एक दल मिला। तीन वरिष्ठ नागरिक देशराज जैन, चंदूलाल और सुभाष भाई गांधी ने बताया कि उनका दल तीन दिन पहले ही कश्मीर आया है। यहां काफी अच्छा लग रहा है। पहाड़ों पर बर्फ की खूबसूरती बेमिसाल है, कश्मीरी भी काफी अच्छे हैं, यहां डर जैसी कोई बात नहीं है।
कारोबारियोंं और वेंडर ने जताई पर्यटक और बढ़ने की उम्मीद
गंडोला फेज-1 में घास के मैदानों पर काफी पर्यटक घूम रहे थे। कई बर्फ का लुत्फ लेने के लिए गंडोला फेज-2 पर जाने की तैयारी कर रहे थे। यहां मौजूद तंगमर्ग के शॉल वेंडर फारूक अहमद भट और गुलजार अहमद ने बताया कि पिछले 10 दिन से पर्यटकोंं की संख्या बढ़ी है। पिछले सप्ताह बर्फ पड़ने के बाद से इसमें और उछाल आया है। जल्द बर्फबारी से फायदा हुआ है। उम्मीद है कि बर्फ बढ़ने के साथ पर्यटक भी बढ़ेंगे। हमारी तो रोजी-रोटी की पर्यटकों के सहारे चलती है। देश के लोगों से अपील है कि वह यहां आएं और यहां की खूबसूरती का लुत्फ लें।
विज्ञापन
अजीम यूसुफ
गुलमर्ग। मौसम का मिजाज बदला तो अक्तूबर के पहले सप्ताह में ही कश्मीर के ऊपरी हिस्सों में खूब बर्फबारी हुई। यही बर्फ से ढकी चोटियां पर्यटकों को अपनी ओर खींच रही हैं। आने वाले पर्यटक भी इसे देख बोल उठे कश्मीर वाकई धरती की जन्नत है। यहां आए थे घूमने के लिए बर्फ ने उनका मजा दोगुना कर दिया।
रविवार को सुबह से ही गुलमर्ग में काफी रौनक थी। एक ओर जबरवन लीजेंड्स सीरीज- डाउनहिल एमटीबी प्रतियोगिता की तैयारी चल रही थी तो दूसरी गंडोला से पहाड़ पर जाने वालों की कतार लगी थी। गंडोला में सवार होकर सुबह करीब 11 बजे अमर उजाला की टीम फेज-1 में पहुंची तो यहां भी अच्छी संख्या में पर्यटक नजर आए।
विज्ञापन
तमिलनाडु के पनीर सेल्वम अपने परिवार के साथ यहां आए हुए थे। अमर उजाला ने उनसे बात की तो उन्होंने बताया कि दो दिन पहले वह कश्मीर आए हैं। पहले श्रीनगर पहुंचे फिर जब यहां पर बर्फ के बारे में सुना तो दोनों बेटियों ने यहां आने की ख्वाहिश जताई। बेटियों और पत्नी के साथ यहां आया हूं। काफी खूबसूरत दृश्य है। वाकई कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है तो वह सही है। यहां की सुरक्षा व्यवस्था और माहौल के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि कश्मीरियों की मेहमाननवाजी के बारे में सुना था, अब देख भी लिया। सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी है। डर जैसी कोई बात नहीं है। लोगों को यहां आकर खुद देखना चाहिए।
विज्ञापन
यहां डर जैसी कोई बात नहीं है
वहां से आगे बढ़े तो महाराष्ट्र के कोल्हापुर से आए पर्यटकों का एक दल मिला। तीन वरिष्ठ नागरिक देशराज जैन, चंदूलाल और सुभाष भाई गांधी ने बताया कि उनका दल तीन दिन पहले ही कश्मीर आया है। यहां काफी अच्छा लग रहा है। पहाड़ों पर बर्फ की खूबसूरती बेमिसाल है, कश्मीरी भी काफी अच्छे हैं, यहां डर जैसी कोई बात नहीं है।
कारोबारियोंं और वेंडर ने जताई पर्यटक और बढ़ने की उम्मीद
गंडोला फेज-1 में घास के मैदानों पर काफी पर्यटक घूम रहे थे। कई बर्फ का लुत्फ लेने के लिए गंडोला फेज-2 पर जाने की तैयारी कर रहे थे। यहां मौजूद तंगमर्ग के शॉल वेंडर फारूक अहमद भट और गुलजार अहमद ने बताया कि पिछले 10 दिन से पर्यटकोंं की संख्या बढ़ी है। पिछले सप्ताह बर्फ पड़ने के बाद से इसमें और उछाल आया है। जल्द बर्फबारी से फायदा हुआ है। उम्मीद है कि बर्फ बढ़ने के साथ पर्यटक भी बढ़ेंगे। हमारी तो रोजी-रोटी की पर्यटकों के सहारे चलती है। देश के लोगों से अपील है कि वह यहां आएं और यहां की खूबसूरती का लुत्फ लें।