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प्रदेश में उद्योग और पर्यटन की अपार संभावनाएं : मुख्यमंत्री
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CM Omar Abdullah addressed the National Executive Committee Meeting of Federation of Indian Cha
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- मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में फिक्की की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की बैठक को संबोधित किया
- व्यावसायिक अवसरों के व्यापक दायरे को खोलने के लिए मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में उद्योग और पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। व्यावसायिक अवसरों के व्यापक दायरे को खोलने के लिए मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रदेश में अधिकांश उत्पाद कच्चे रूप में ही निकलते हैं और स्थानीय स्तर पर बहुत कम प्रसंस्करण या मूल्यवर्धन होता है। इससे जम्मू और कश्मीर में दोनों तरफ औद्योगिक विकास के महत्वपूर्ण अवसर खुलते हैं।
यह बातें मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कही। वह मंगलवार को श्रीनगर में आयोजित फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। डेयरी सेक्टर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के डेयरी उत्पादन का केवल 4-5 प्रतिशत ही यहां संसाधित होता है जबकि शेष बिना संसाधित किए ही बाजार में चला जाता है। उन्होंने उद्योग जगत से निवेश और विकास के लिए इन क्षेत्रों का पता लगाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर हमेशा से देश का प्रमुख पर्यटन स्थल रहा है और हम इस विरासत को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन क्षेत्रों का भी जिक्र किया जहां सरकार कृषि, बागवानी, हस्तशिल्प, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, पैकेजिंग और सीमेंट सहित सतत और प्रतिस्पर्धी औद्योगिक विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कहा कि दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने जैसी नई सड़क-संपर्क परियोजनाएं लॉजिस्टिक्स और निवेश क्षमता को और बढ़ाएंगी।
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सीएसआर के माध्यम से सहयोग करने का आह्वान
उन्होंने कॉर्पोरेट क्षेत्र से खेल, पुस्तकालय और कौशल उन्नयन जैसे युवा केंद्रित क्षेत्रों में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से सहयोग करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आईटीआई और कौशल केंद्रों के उन्नयन में सरकार के साथ साझेदारी करें ताकि रोजगार योग्य स्थानीय कार्यबल तैयार किया जा सके। बैठक में फिक्की के अध्यक्ष हर्षवर्धन अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनंत गोयनका, फिक्की की महानिदेशक ज्योति विज, पूर्व अध्यक्ष डॉ. ज्योत्सना सूरी, फिक्की जम्मू-कश्मीर परिषद के अध्यक्ष मुश्ताक ए बुर्जा व अन्य लोग मौजूद रहे।
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- व्यावसायिक अवसरों के व्यापक दायरे को खोलने के लिए मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में उद्योग और पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। व्यावसायिक अवसरों के व्यापक दायरे को खोलने के लिए मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रदेश में अधिकांश उत्पाद कच्चे रूप में ही निकलते हैं और स्थानीय स्तर पर बहुत कम प्रसंस्करण या मूल्यवर्धन होता है। इससे जम्मू और कश्मीर में दोनों तरफ औद्योगिक विकास के महत्वपूर्ण अवसर खुलते हैं।
यह बातें मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कही। वह मंगलवार को श्रीनगर में आयोजित फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। डेयरी सेक्टर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के डेयरी उत्पादन का केवल 4-5 प्रतिशत ही यहां संसाधित होता है जबकि शेष बिना संसाधित किए ही बाजार में चला जाता है। उन्होंने उद्योग जगत से निवेश और विकास के लिए इन क्षेत्रों का पता लगाने का आग्रह किया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर हमेशा से देश का प्रमुख पर्यटन स्थल रहा है और हम इस विरासत को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन क्षेत्रों का भी जिक्र किया जहां सरकार कृषि, बागवानी, हस्तशिल्प, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, पैकेजिंग और सीमेंट सहित सतत और प्रतिस्पर्धी औद्योगिक विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कहा कि दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने जैसी नई सड़क-संपर्क परियोजनाएं लॉजिस्टिक्स और निवेश क्षमता को और बढ़ाएंगी।
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सीएसआर के माध्यम से सहयोग करने का आह्वान
उन्होंने कॉर्पोरेट क्षेत्र से खेल, पुस्तकालय और कौशल उन्नयन जैसे युवा केंद्रित क्षेत्रों में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से सहयोग करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आईटीआई और कौशल केंद्रों के उन्नयन में सरकार के साथ साझेदारी करें ताकि रोजगार योग्य स्थानीय कार्यबल तैयार किया जा सके। बैठक में फिक्की के अध्यक्ष हर्षवर्धन अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनंत गोयनका, फिक्की की महानिदेशक ज्योति विज, पूर्व अध्यक्ष डॉ. ज्योत्सना सूरी, फिक्की जम्मू-कश्मीर परिषद के अध्यक्ष मुश्ताक ए बुर्जा व अन्य लोग मौजूद रहे।