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हिंसा से निपटने के लिए इजराइली दस्ते जम्मू-कश्मीर पुलिस को देंगे विशेष प्रशिक्षण
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 03 Aug 2016 10:46 AM IST
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सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों में झड़प
- फोटो : PTI
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आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद भड़की हिंसा से निपटने में पेलेट गन के इस्तेमाल से पैदा हुए विवाद के बाद केंद्र और जम्मू कश्मीर सरकार पत्थरबाजों से निपटने की नई रणनीति पर अमल की तैयारी कर रही है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों की इस बाबत जम्मू कश्मीर पुलिस के आला अधिकारियों से दो बैठकें हो चुकी हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर कश्मीर पुलिस को इजराइल के प्रशिक्षित दस्तों से विशेष प्रशिक्षण की योजना जल्द लागू हो सकती है।
प्रशिक्षण के बाद जम्मू कश्मीर पुलिस की विशेष टुकड़ी पत्थरबाजों से निपटने वाली टीम की अगुवाई करेगी। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) इस टुकड़ी को सहयोग करेगा।
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गौरतलब है कि सीआरपीएफ द्वारा पेलेट गन के इस्तेमाल और भीड़ से निपटने में अत्यधिक सख्ती का मामला संसद में भी उठाया जा चुका है। कश्मीर के सियासी दल और संगठन भी इसका विरोध कर रहे हैं। सीआरपीएफ के नेतृत्व में कार्रवाई से केंद्र सरकार की नीतियों को निशाना बनाया जा रहा है।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों की इस बाबत जम्मू कश्मीर पुलिस के आला अधिकारियों से दो बैठकें हो चुकी हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर कश्मीर पुलिस को इजराइल के प्रशिक्षित दस्तों से विशेष प्रशिक्षण की योजना जल्द लागू हो सकती है।
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प्रशिक्षण के बाद जम्मू कश्मीर पुलिस की विशेष टुकड़ी पत्थरबाजों से निपटने वाली टीम की अगुवाई करेगी। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) इस टुकड़ी को सहयोग करेगा।
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गौरतलब है कि सीआरपीएफ द्वारा पेलेट गन के इस्तेमाल और भीड़ से निपटने में अत्यधिक सख्ती का मामला संसद में भी उठाया जा चुका है। कश्मीर के सियासी दल और संगठन भी इसका विरोध कर रहे हैं। सीआरपीएफ के नेतृत्व में कार्रवाई से केंद्र सरकार की नीतियों को निशाना बनाया जा रहा है।
पुलिस को आधुनिक प्रशिक्षण से किया जा रहा लैस : डीजीपी
घाटी में तैनात सुरक्षा बल के जवान
- फोटो : PTI
जम्मू कश्मीर पुलिस की अगुवाई में कार्रवाई से स्थानीय विरोध को कम किया जा सकता है। इसके लिए केंद्र सरकार की मदद से जम्मू कश्मीर पुलिस को अत्याधुनिक उपकरणों और तकनीक से लैस किया जा रहा है।
पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक जम्मू कश्मीर पुलिस को आधुनिक विस्फोटकों को निष्क्रिय करने की ट्रेनिंग है। इसे और उन्नत बनाने के लिए सेना से भी प्रशिक्षण दिलाने की योजना है।
चूंकि जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान पोषित आतंकवाद के कारण हिंसा बढ़ी है। इसलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती। लिहाजा सेना और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बंकरों में फिलहाल कोई कमी नहीं की जाएगी। आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को जम्मू कश्मीर में ही बनाए रखने के निर्देश हैं।
जम्मू कश्मीर पुलिस के महानिदेशक के राजेन्द्रा ने कहा कि इजराइल और जम्मू कश्मीर में आतंकवाद और हिंसा की परिस्थितियां अलग-अलग हैं। फिर भी उनकी विशेष तकनीक से प्रेरणा ले सकते हैं। लेकिन हम अपनी जरूरतों के हिसाब से रणनीति बनाते हैं।
जम्मू कश्मीर पुलिस को सतत रूप से नई चुनौतियों के लिए प्रशिक्षित किया जाता रहा है। अपराध और आतंकवाद के स्वरूप में बदलाव के हिसाब से पुलिस बल को नया प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक जम्मू कश्मीर पुलिस को आधुनिक विस्फोटकों को निष्क्रिय करने की ट्रेनिंग है। इसे और उन्नत बनाने के लिए सेना से भी प्रशिक्षण दिलाने की योजना है।
चूंकि जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान पोषित आतंकवाद के कारण हिंसा बढ़ी है। इसलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती। लिहाजा सेना और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बंकरों में फिलहाल कोई कमी नहीं की जाएगी। आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को जम्मू कश्मीर में ही बनाए रखने के निर्देश हैं।
जम्मू कश्मीर पुलिस के महानिदेशक के राजेन्द्रा ने कहा कि इजराइल और जम्मू कश्मीर में आतंकवाद और हिंसा की परिस्थितियां अलग-अलग हैं। फिर भी उनकी विशेष तकनीक से प्रेरणा ले सकते हैं। लेकिन हम अपनी जरूरतों के हिसाब से रणनीति बनाते हैं।
जम्मू कश्मीर पुलिस को सतत रूप से नई चुनौतियों के लिए प्रशिक्षित किया जाता रहा है। अपराध और आतंकवाद के स्वरूप में बदलाव के हिसाब से पुलिस बल को नया प्रशिक्षण दिया जाएगा।