बुरहान वानी को ढेर करने वाले जांबाजों को मिला सम्मान, दिया गया सेना मेडल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू कश्मीर में पिछले साल 8 जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी को ढेर करने वाले जांबाज जवानों को सेना के द्वारा सम्मानित किया गया है। सेना के द्वारा 68वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर इस ऑपरेशन में शामिल 3 जवानों को सेना मेडल से सम्मानित किया गया है।
बुरहान को ढेर करने वाले ये तीनों जांबाज सेना की राष्ट्रीय राइफल्स का हिस्सा हैं जो कि 8 जुलाई को कश्मीर में आतंकियों से हुई मुठभेड़ के ऑपरेशन में शामिल थे। इसी मुठभेड़ में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी को मार गिराया गया था।
सेना की ओर से सम्मानित होने वाले इन जांबाजों में मेजर संदीप कुमार, कैप्टन मानिक शर्मा और नायक अरविंद सिंह शामिल हैं जो कि सेना की राष्ट्रीय राइफल रेजीमेंट का हिस्सा थे। गौरतलब है कि राष्ट्रीय राइफल्स को भारतीय सेना के आतंकवाद निरोधी ऑपरेशंस के लिए जाना जाता है। इस रेजीमेंट ने अब तक विभिन्न अभियानों में हजारों खूंखार आतंकियों को ढेर किया है।
बुरहान की मौत के बाद कश्मीर में बिगड़े थे हालात
हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के 8 जुलाई को मुठभेड़ में ढेर होने के बाद कश्मीर में आतंरिक हालात बिगड़ने का सिलसिला शुरू हो गया था। बुरहान की मौत के बाद कश्मीर घाटी में हिंसक प्रदर्शनों का दौर शुरू हुआ था।
इस दौरान कश्मीर घाटी में भड़की हिंसा के दौर में करीब 4 महीनों तक घाटी का जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित रहा। 4 महीनों के इन हालातों में कश्मीर के कई जिलों में हिंसक प्रदर्शन हुए जिसमें 80 से ज्यादा मौतें हुईं और सैकड़ों लोग घायल हुए।
बुरहान की मौत के बाद भड़की हिंसा के कारण कश्मीर को सैकड़ों करोड़ रूपए का नुकसान हुआ। हिंसा के दौरान कई स्कूल और सरकारी इमारतें भी जला दी गई थी। इस बुरे हालात के कारण घाटी के लोगों के जीवन और पर्यटन समेत कई क्षेत्रों में बड़ा नुकसान हुआ।