सीमा पर जवानों का नया घर: बर्फबारी में एलओसी पर जवानों को मिला सुरक्षित ठिकाना, तस्वीर और इसके बारे में जानकार आप भी हो जाएंगे हैरान
लद्दाख की तरह नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तैनात जवानों को मिला अति सुरक्षित ठिकाना। समुद्र तल से आठ हजार फुट से अधिक ऊंचाई पर प्री-फैब्रीकेटेड ढांचे एफआरबी ने जीवन की राह को किया और आसान। हीटर जलाते ही कुछ ही देर में गर्म हो जाता है पूरा एफआरपी। पहले की तरह न बर्फ हटाने की चिंता न ही धंसने का खतरा।
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इनकी बनावट ऐसी है कि इन पर चाहे कितनी भी बर्फबारी हो, ऊपर टिकती नहीं
एक तो दुश्मनों से सीमाओं की रक्षा करने की चुनौती, दूसरी अपने रहने के ठिकाने में तमाम चुनौतियों से जूझना। अब जवानों को नया प्री-फैब्रीकेटेड ढांचा उपलब्ध कराया गया है जिसके तमाम फायदे हैं। नियंत्रण रेखा पर तैनात जवानों का कहना है कि इस एफआरपी के आने से हमारा जीवन और आसान हो गया है।
एक तो इनकी बनावट ऐसी है कि इन पर चाहे कितनी भी बर्फबारी हो, बर्फ इनके ऊपर टिकती नहीं है। पहले पत्थर और कंकरीट से बने आशियानों पर बर्फ जमा होने से उनके धंसने का खतरा था। हमें लगातार बर्फ हटानी पड़ती थी। दूसरा बड़ा फायदा यह है कि इनके अंदर जैसे ही हम कोई केरोसिन हीटर अथवा बिजली के हीटर जलाते हैं तो कुछ ही पलों में यह पूरा एफआरपी गर्म हो जाता है। इससे भारी बर्फ में भी ठंड का एहसास ही नहीं होता है।
एफआरबी में ही शौचालय की भी सुविधा
जवानों के अनुसार पहले 24 घंटे बुखारी जलाकर रखनी पड़ती थी। उससे भी केवल बुखारी और उसके आसपास की जगह ही गर्म हो पाती थी। लेकिन एफआरपी के एक कोने में हल्की सी गर्मी किए जाने से यह पूरी तरह गर्म हो जाती है। इसी के अंदर एक तरफ शौचालय की भी सुविधा है।