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Jammu News: एयर स्ट्राइक से सांबा के पूर्व सैनिकों में जोश
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सांबा। भारतीय वायु सेना की ओर से पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों का सांबा के पूर्व सैनिकों ने स्वागत किया है।
पूरे जम्मू कश्मीर में सैनिकों का गढ़ माने जाने सांबा जिले के पूर्व सैनिकों ने पाकिस्तान में हुई एयर स्ट्राइक पर प्रतिक्रिया दी है। 1965 और 1971 के युद्ध का दौर देख चुके 82 वर्षीय पूर्व कप्तान सूरत सिंह संबयाल ने कहा कि पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी था। पाकिस्तान आतंकवाद के सहारे भारत पर अप्रत्यक्ष जंग थोपता रहा लेकिन उसे मुंहतोड़ जवाब नहीं दिया गया। भारतीय सेना की पाकिस्तान पर कार्रवाई से आम लोग और पूर्व सैनिकों में खुशी और जोश है। आज भारत सरकार ने सेना को इतना मजबूत बना दिया है कि वह हर परिस्थिति से निपटने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि यह तो महज शुरुआत है। पाकिस्तान को अब संभलना होगा, अन्यथा परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
75 वर्षीय सूबेदार सागर सिंह ने कहा कि वह सेना की ओर से आतंकवादियों पर किए गए हमले से खुश हैं। उन्होंने कहा कि उनके ज़माने में सेना के पास न अच्छी सुविधाएं थीं, न संसाधन थे और न अत्याधुनिक हथियार। बावजूद इसके भारतीय सेना ने पाकिस्तान को 1971 में धूल चटाई थी। उन्होंने कहा कि आज की भारतीय सेना के पास तमाम आधुनिक सुविधाएं और हथियार हैं। चंद मिनटों में पाकिस्तान का खेल खत्म हो सकता है।
पूर्व कप्तान इंदर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों की भावनाओं का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने लगभग 40 वर्ष सेना में सेवा दी है। उनके अनुसार पहले की सरकारों की तुलना में मोदी सरकार ने आतंकियों पर कार्रवाई की पूरी छूट दी है। अब भारत 1971 वाला भारत नहीं है। पहलगाम हमले के 14 दिन के भीतर पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब मिला है। पहलगाम में शहीद हुए लोगों को यह सच्ची श्रद्धांजलि है। सभी पूर्व सैनिकों ने एक स्वर में कहा कि अगर देश को जरूरत पड़े तो वे सीमा पर लड़ने के लिए तैयार हैं।
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फोटो 07 एसबीए 10 पूर्व कप्तान सूरत सिंह, 11 पूर्व सूबेदार सागर सिंह, 12 पूर्व कप्तान इन्दर सिंह
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पूरे जम्मू कश्मीर में सैनिकों का गढ़ माने जाने सांबा जिले के पूर्व सैनिकों ने पाकिस्तान में हुई एयर स्ट्राइक पर प्रतिक्रिया दी है। 1965 और 1971 के युद्ध का दौर देख चुके 82 वर्षीय पूर्व कप्तान सूरत सिंह संबयाल ने कहा कि पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी था। पाकिस्तान आतंकवाद के सहारे भारत पर अप्रत्यक्ष जंग थोपता रहा लेकिन उसे मुंहतोड़ जवाब नहीं दिया गया। भारतीय सेना की पाकिस्तान पर कार्रवाई से आम लोग और पूर्व सैनिकों में खुशी और जोश है। आज भारत सरकार ने सेना को इतना मजबूत बना दिया है कि वह हर परिस्थिति से निपटने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि यह तो महज शुरुआत है। पाकिस्तान को अब संभलना होगा, अन्यथा परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
75 वर्षीय सूबेदार सागर सिंह ने कहा कि वह सेना की ओर से आतंकवादियों पर किए गए हमले से खुश हैं। उन्होंने कहा कि उनके ज़माने में सेना के पास न अच्छी सुविधाएं थीं, न संसाधन थे और न अत्याधुनिक हथियार। बावजूद इसके भारतीय सेना ने पाकिस्तान को 1971 में धूल चटाई थी। उन्होंने कहा कि आज की भारतीय सेना के पास तमाम आधुनिक सुविधाएं और हथियार हैं। चंद मिनटों में पाकिस्तान का खेल खत्म हो सकता है।
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पूर्व कप्तान इंदर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों की भावनाओं का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने लगभग 40 वर्ष सेना में सेवा दी है। उनके अनुसार पहले की सरकारों की तुलना में मोदी सरकार ने आतंकियों पर कार्रवाई की पूरी छूट दी है। अब भारत 1971 वाला भारत नहीं है। पहलगाम हमले के 14 दिन के भीतर पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब मिला है। पहलगाम में शहीद हुए लोगों को यह सच्ची श्रद्धांजलि है। सभी पूर्व सैनिकों ने एक स्वर में कहा कि अगर देश को जरूरत पड़े तो वे सीमा पर लड़ने के लिए तैयार हैं।
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फोटो 07 एसबीए 10 पूर्व कप्तान सूरत सिंह, 11 पूर्व सूबेदार सागर सिंह, 12 पूर्व कप्तान इन्दर सिंह