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Jammu News: आतंक के गढ़ में नई बयार, बैंक व सखियां मालामाल
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-75 बैंक सखियों ने 77.61 करोड़ रुपये का कराया लेनदेन, नौ माह में पा चुकी हैं 43.10 लाख रुपये कमीशन
अमित कुमार
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के आतंक के गढ़ रहे इलाकों में बैंक सखियां कमाल कर रही हैं। कभी डर के माहौल में काम करने वाले बैंक इनकी मदद से मालामाल हो रहे हैं। बैंक शाखाओं में हर महीने करोड़ों रुपये का लेनदेन हो रहा है।
बैंकों के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है। जम्मू एंड कश्मीर बैंक (जेएंडके) में पिछले नौ माह में 75 बैंक सखियों ने 77.61 करोड़ रुपये का लेनदेन कराया है। इसके बदले वे 40 से 60 हजार रुपये तक हर माह कमीशन पा रही हैं। वे अब तक 43.10 लाख रुपये कमीशन पा चुकी हैं। जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से बैंक सखियों को जेएंडके बैंक से साथ जोड़ा गया है। मिशन व बैंक की ओर से आठ दिन का प्रशिक्षण दिया गया।
ये सखियां खासतौर पर ग्रामीणों को जेएंडके बैंक की योजनाओं की जानकारियां देकर उन्हें बैंक से जोड़ रही हैं। इससे तमाम नए ग्राहक बैंक से जुड़े हैं, जो करोड़ों रुपये का लेनदेन कर रहे हैं। इनकी कामयाबी को देखते हुए जेएंडके बैंक ने जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन से 504 और बैंक सखियों की मांग की है। अब तक बैंक के लिए 367 सखियों को तैयार किया जा चुका है, जबकि 137 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया चल रही है।
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सखियों की कामयाबी देख अन्य बैंकों ने भी दिखाया रुझान
जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन से ग्रामीण बैंक ने भी 184 बैंक सखियों की मांग की है। ग्रामीण बैंक के लिए 119 बैंक सखियों को तैयार किया जा चुका है, जबकि बाकी 65 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया चल रही है। केनरा और अन्य बैंकों ने भी बैंक सखियों की कामयाबी देख उन्हें काम पर रखने की इच्छा जताई है।
अहम भूमिका निभा रहीं बैंक सखियां
जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन की निदेशक डाॅ. शुभ्रा शर्मा, हम बैंक सखियों का विस्तार कर रहे हैं। कई बैंकों ने हमसे बैंक सखियों की मांग की है। ग्रामीण और दूरवर्ती क्षेत्रों में जेएंडके बैंक के लेनदेन को बढ़ाने में बैंक सखियां अहम भूमिका निभा रही हैं।
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अमित कुमार
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के आतंक के गढ़ रहे इलाकों में बैंक सखियां कमाल कर रही हैं। कभी डर के माहौल में काम करने वाले बैंक इनकी मदद से मालामाल हो रहे हैं। बैंक शाखाओं में हर महीने करोड़ों रुपये का लेनदेन हो रहा है।
बैंकों के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है। जम्मू एंड कश्मीर बैंक (जेएंडके) में पिछले नौ माह में 75 बैंक सखियों ने 77.61 करोड़ रुपये का लेनदेन कराया है। इसके बदले वे 40 से 60 हजार रुपये तक हर माह कमीशन पा रही हैं। वे अब तक 43.10 लाख रुपये कमीशन पा चुकी हैं। जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से बैंक सखियों को जेएंडके बैंक से साथ जोड़ा गया है। मिशन व बैंक की ओर से आठ दिन का प्रशिक्षण दिया गया।
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ये सखियां खासतौर पर ग्रामीणों को जेएंडके बैंक की योजनाओं की जानकारियां देकर उन्हें बैंक से जोड़ रही हैं। इससे तमाम नए ग्राहक बैंक से जुड़े हैं, जो करोड़ों रुपये का लेनदेन कर रहे हैं। इनकी कामयाबी को देखते हुए जेएंडके बैंक ने जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन से 504 और बैंक सखियों की मांग की है। अब तक बैंक के लिए 367 सखियों को तैयार किया जा चुका है, जबकि 137 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया चल रही है।
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सखियों की कामयाबी देख अन्य बैंकों ने भी दिखाया रुझान
जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन से ग्रामीण बैंक ने भी 184 बैंक सखियों की मांग की है। ग्रामीण बैंक के लिए 119 बैंक सखियों को तैयार किया जा चुका है, जबकि बाकी 65 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया चल रही है। केनरा और अन्य बैंकों ने भी बैंक सखियों की कामयाबी देख उन्हें काम पर रखने की इच्छा जताई है।
अहम भूमिका निभा रहीं बैंक सखियां
जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन की निदेशक डाॅ. शुभ्रा शर्मा, हम बैंक सखियों का विस्तार कर रहे हैं। कई बैंकों ने हमसे बैंक सखियों की मांग की है। ग्रामीण और दूरवर्ती क्षेत्रों में जेएंडके बैंक के लेनदेन को बढ़ाने में बैंक सखियां अहम भूमिका निभा रही हैं।