घाटी में बर्फबारी, हिमस्खलन का खतरा बढ़ा
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कश्मीर घाटी के कई ऊपरी इलाकों में दो और तीन अप्रैल की दरमियानी रात बर्फबारी हुई, जिनमें गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग, गुरेज आदि इलाके शामिल हैं। इस बर्फबारी और मौसम खुलने के कारण कई ऊपरी इलाकों में हिमस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है।
घाटी में हुई बर्फबारी और मौसम में हुई हल्के सुधार के चलते यहां के पर्वतीय इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है। जिसे ध्यान में रखते हुए डिवीजनल कमिश्नर कश्मीर ने चेतावनी जारी की है।
चेतावनी के अनुसार बांडीपोरा, बारामुला, कुलगाम, कुपवाड़ा और गांदरबल जिले के पर्वतीय इलाकों में हिमस्खलन का खतरा है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को एहतियात बरतने के साथ-साथ सुरक्षित स्थानों पर पनाह लेने की सलाह दी गई है।
इन जिलों के आयुक्तों को भी सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं और सतर्क रहने को कहा गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके।
एमएलए सोपोर हादसे में बाल-बाल बचे
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष और सोपोर से विधायक हाजी रशीद शुक्रवार को एक हादसे में बालबाल बच गए। मिली जानकारी के अनुसार, हाजी रशीद अपने कुछ साथियों के साथ सोपोर के वटलब इलाके का दौरा करने कश्ती में गए। इलाके में बाढ़ के कारण पानी भर आया था।
लौटते समय उनकी कश्ती अचानक एक पेड़ से जा टकराई और पलटने लगी लेकिन बच गई, जिससे एक हादसा होने से टल गया। गौरतलब है कि वटलब गांव में करीब 50 से अधिक घर पानी की चपेट में हैं। जहां लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिनका हाल लेने हाजी रशीद गए थे।
सुधरा मौसम, हल्की बारिश संभव
कश्मीर घाटी में शुक्रवार को मौसम में सुधार रहा। दोपहर 12 बजे के बाद बारिश थम गई। बारिश रुकने से बाढ़ का खतरा टल गया और लोगों ने राहत की सांस ली। लगातार हुई बारिश से नदी-नालों के साथ-साथ डल झील का भी जलस्तर बढ़ गया था और खतरे के निशान 12 फीट को छू चुका था।
झील में बढ़े जलस्तर को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने झील के भीतर रहने वाले करीब 70 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था। मौसम विभाग के अनुसार, चार अप्रैल शाम तक मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस ने बताया कि घाटी के ऊपर बना पश्चिमी दबाव अब हल्का पड़ता दिख रहा है, जिसके कारण मौसम में सुधार हुआ है।
उन्होंने बताया कि चार अप्रैल शाम तक मौसम ऐसे ही बने रहने की संभावना है। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। विभाग के अनुसार, श्रीनगर में शुक्रवार को करीबन 4.8 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के चीफ इंजीनियर जावेद जाफर ने कहा कि बाढ़ का खतरा टला जरूर है, फिर भी अलर्ट रहने की आवश्यकता है।
झेलम के जल स्तर में बढ़ोतरी हुई है, जो करीब 16.75 फीट है। इसका जल स्तर रात में और बढ़ेगा और 18 फीट के आसपास जा पहुंचेगा। इसके अलावा संगम के पास भी जल स्तर काफी बढ़ा है और उस पानी को श्रीनगर पहुंचने में सात से आठ घंटे लगते हैं।
जाफर ने बताया कि घबराने वाली बात नहीं है, लेकिन सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि अगर बारिश नहीं हुई तो खतरा पूरी तरह से टल जाएगा। झेलम नदी का जल स्तर भी शनिवार सुबह से घटना शुरू हो जाएगा।
छुट्टियों की मौजमस्ती पर बारिश की मार
सप्ताह भर से खराब मौसम के चलते महावीर जयंती, गुड फ्राइडे आदि सरकारी छुट्टियों के प्रोग्रामों पर बारिश का पानी फिर गया। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहने से लोग लोग पर्यटन स्थलों का रुख नहीं कर पाए। उत्तरी भारत में अन्य राज्यों में भी बेमौसम बारिश से वहां जाने से लोगों ने परहेज ही किया। छुट्टियों का बारिश ने सारा मजा किरकिरा कर दिया।
छुट्टियों के चलते युवाओं ने नत्थाटाप, पत्नीटाप सहित घाटी के पर्यटन स्थलों पर जाने का प्रोग्राम बनाया था, लेकिन पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से सारी तैयारियां धरी के धरी रह गईं। हाईवे बंद होने से चाहकर भी युवा पर्यटन स्थलों पर नहीं पहुंच पाए। राहुल ने कहा कि उसने दोस्तों के साथ छुट्टियों में मौज मस्ती के लिए पत्नीटाप जाने का प्रोग्राम बनाया था।
हाईवे बंद होने से निराशा हुई। लखनपुर के साथ लगते अन्य राज्यों के पर्यटक स्थलों पर भी मौसम खराब रहने से सारे प्रोग्राम को रद्द करना पड़ा। मोहेंद्र गुप्ता ने कहा कि उन्होंने परिवार के साथ श्रीनगर में मौसम का मजा लूटने का कार्यक्रम बनाया था, लेकिन पहले बाढ़ और उसके बाद लगातार हाईवे बंद रहने से उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया।