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150 दिन बाद कश्मीर में शुरू हुई एसएमएस सेवा, लोगों ने जमकर दी नए साल की बधाइयां
Wed, 01 Jan 2020 10:52 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 01 Jan 2020 10:52 PM IST
सार
- नए साल की बधाई दे चहके लोग, लोग बोले- पांच महीने बाद मिला सुकून
- सरकार ने नए साल का तोहफा देते हुए आधी रात को हटा दी थी पाबंदी
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- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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विस्तार
अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पांच अगस्त से श्रीनगर में बंद मोबाइल एसएमएस सेवा शुरू किए जाने से आम कश्मीरियों में खुशी की लहर रही। साल के पहले दिन कश्मीरी अवाम ने खुलकर मैसेज भेजे और मुबारकबाद दी। हालांकि, तकनीकी दिक्कतों के चलते कुछ नेटवर्क पर लोगों को एसएमएस सुविधा नहीं मिल सकीं। इससे मायूसी उनके हाथ लगी।
मंगलवार को राज्य सरकार ने आधी रात से एसएमएस सेवा तथा सरकारी अस्पतालों में ब्राड बैंड सेवा शुरू करने की घोषणा की थी। एसएमएस सेवा शुरू होने के साथ ही आधी रात से पूरी घाटी में लोग संदेश भेजने लगे। एक दूसरे को फोन कर लोगों ने सेवा शुरू होने की जानकारी भी दी।
लोगों ने कहा कि पांच महीने बाद सुकून मिला है। मोबाइल इंटरनेट बंद होने से व्हाट्सएप काम नहीं कर रहा है। ऐसे में एसएमएस भी बंद होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। घाटी के कई लोगों ने शिकायत की कि केवल बीएसएनएल के नेटवर्क पर ही यह सुविधा उपलब्ध हो पाई।
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मंगलवार को राज्य सरकार ने आधी रात से एसएमएस सेवा तथा सरकारी अस्पतालों में ब्राड बैंड सेवा शुरू करने की घोषणा की थी। एसएमएस सेवा शुरू होने के साथ ही आधी रात से पूरी घाटी में लोग संदेश भेजने लगे। एक दूसरे को फोन कर लोगों ने सेवा शुरू होने की जानकारी भी दी।
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लोगों ने कहा कि पांच महीने बाद सुकून मिला है। मोबाइल इंटरनेट बंद होने से व्हाट्सएप काम नहीं कर रहा है। ऐसे में एसएमएस भी बंद होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। घाटी के कई लोगों ने शिकायत की कि केवल बीएसएनएल के नेटवर्क पर ही यह सुविधा उपलब्ध हो पाई।
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एयरटेल, जियो तथा अन्य नेटवर्क पर एसएमएस नहीं शुरू हो सका। निजी कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ तकनीकी दिक्कतों की वजह से सेवा शुरू नहीं हो सकी है। इसे दुरुस्त करने की कोशिश हो रही है। जल्द ही सुविधा बहाल हो जाएगी।
ज्ञात हो कि घाटी में इससे पहले भी एसएमएस सुविधा शुरू की गई थी। गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के कुछ ही देर बाद इसे बंद कर दिया गया था। गत 10 दिसंबर को मशीन आधारित एसएमएस सर्विस को बहाल किया गया था। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वालों को पास बर्ड और कारोबारियों को बैंक स्टेटमेंट मिलने लगे थे। प्रशासन ने विद्यार्थियों, कांट्रेक्टर और टूर ऑपरेटरों को सहूलियत प्रदान करने के लिए लगभग 900 इंटरनेट प्वाइंट शुरू किए हैं।
अस्पतालों में नहीं शुरू हो सका ब्राडबैंड
श्रीनगर के सरकारी अस्पतालों में ब्राड बैंड बुधवार को शुरू नहीं की जा सकी। घाटी के अग्रणी सरकारी एसएमएचएस अस्पताल में तकरीबन पांच महीने से इंटरनेट सुविधा नहीं है। एसएमएचएस अस्पताल प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि चिकित्सा संस्थान में इंटरनेट सेवा बुधवार को बहाल नहीं हुई। घाटी में इकलौते बाल अस्पताल जी बी पंत अस्पताल में सेवाएं अब तक बहाल नहीं हो पाई है । अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक कंवलजीत सिंह ने कहा कि अभी तक इंटरनेट काम नहीं कर रहा है। हो सकता है बाद में बहाल हो लेकिन फि लहाल यह सेवा शुरू नहीं हुई है । रैनवारी में जवाहरलाल नेहरु अस्पताल, डलगेट इलाके में चेस्ट डिजीज अस्पताल का भी यही हाल है । एजेंसी
दुष्प्रचार करने वालों पर रहेगी कड़ी नजर: डीजीपी
डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा है कि एसएमएस सेवा बहाल होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने को कहा गया है। यदि किसी ने गड़बड़ी करने की कोशिश की तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दुष्प्रचार करने वालों पर पैनी नजर रहेगी। ऐसे तत्वों को चिह्नित कर उन्हें कानून के तहत दंडित किया जाएगा।
ज्ञात हो कि घाटी में इससे पहले भी एसएमएस सुविधा शुरू की गई थी। गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के कुछ ही देर बाद इसे बंद कर दिया गया था। गत 10 दिसंबर को मशीन आधारित एसएमएस सर्विस को बहाल किया गया था। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वालों को पास बर्ड और कारोबारियों को बैंक स्टेटमेंट मिलने लगे थे। प्रशासन ने विद्यार्थियों, कांट्रेक्टर और टूर ऑपरेटरों को सहूलियत प्रदान करने के लिए लगभग 900 इंटरनेट प्वाइंट शुरू किए हैं।
अस्पतालों में नहीं शुरू हो सका ब्राडबैंड
श्रीनगर के सरकारी अस्पतालों में ब्राड बैंड बुधवार को शुरू नहीं की जा सकी। घाटी के अग्रणी सरकारी एसएमएचएस अस्पताल में तकरीबन पांच महीने से इंटरनेट सुविधा नहीं है। एसएमएचएस अस्पताल प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि चिकित्सा संस्थान में इंटरनेट सेवा बुधवार को बहाल नहीं हुई। घाटी में इकलौते बाल अस्पताल जी बी पंत अस्पताल में सेवाएं अब तक बहाल नहीं हो पाई है । अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक कंवलजीत सिंह ने कहा कि अभी तक इंटरनेट काम नहीं कर रहा है। हो सकता है बाद में बहाल हो लेकिन फि लहाल यह सेवा शुरू नहीं हुई है । रैनवारी में जवाहरलाल नेहरु अस्पताल, डलगेट इलाके में चेस्ट डिजीज अस्पताल का भी यही हाल है । एजेंसी
दुष्प्रचार करने वालों पर रहेगी कड़ी नजर: डीजीपी
डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा है कि एसएमएस सेवा बहाल होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने को कहा गया है। यदि किसी ने गड़बड़ी करने की कोशिश की तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दुष्प्रचार करने वालों पर पैनी नजर रहेगी। ऐसे तत्वों को चिह्नित कर उन्हें कानून के तहत दंडित किया जाएगा।