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एसएमजीएस में भी मिलेगी आईसीयू सुविधा

Sat, 17 Jan 2015 05:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Sat, 17 Jan 2015 05:19 PM IST
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SMGS to get new ICU

जम्मू के प्रमुख जच्चा बच्चा अस्पताल एसएमजीएस में नया आईसीयू स्थापित किया जा रहा है। इसमें चार शिशु, एक गायनी, एक ईएनटी के लिए वेंटिलेटर स्थापित किए जाएंगे। शहर में पहली बार किसी जच्चा बच्चा अस्पताल में ऐसे आईसीयू का निर्माण होगा। इस अस्पताल में वेंटिलेटर की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी। जीएमसी के प्रिंसिपल डा. घनश्याम देव गुप्ता का कहना है कि नए वेंटिलेटरों के लिए आर्डर जारी कर दिया गया है। इससे गंभीर मरीजों को काफी राहत मिल सकेगी।

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जीएमसी के बाद दूसरे बड़े अस्पताल एसएमजीएस में रोजाना 60-70 प्रसव हो रहे हैं। इसमें अक्सर गायनी और शिशु के गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती रही है। लेकिन अस्पताल में मौजूद दो वेंटिलेटर के पूरी तरह से काम न कर पाने से अमूमन ऐसे मरीजों को जीएमसी में शिफ्ट करना पड़ता है। अस्पताल में स्थापित हो रहे नए आईसीयू में छह वेंटिलेटरों से गंभीर मरीजों को राहत दी जाएगी। अब अस्पताल से गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट नहीं किया जाएगा।
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इससे पहले अस्पताल के निको यूनिट में वेंटिलेटर चल रहे हैं। इसी तरह संभाग के सबसे बड़े अस्पताल जीएमसी के पुराने आईसीयू ब्लाक में मौजूदा समय में आठ वेंटिलेटर चल रहे हैं। इनमें एक वीवीआईपी के लिए रिजर्व रखा जाता है। इसी तरह नए इमरजेंसी ब्लाक में सात वेंटिलेटर स्थापित किए गए हैं। पुराने आईसीयू ब्लाक में कई मरीजों को वेंटिलेटर पर सालों से रखा गया है।
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जानिए क्या होता है वेंटिलेटर
इंसान की सांसें चलाने के लिए आखिरी सहारा आधुनिक मशीन वेंटिलेटर है। इसमें अधिकांश मामलों में मल्टीपल हेड इंजूरी के मरीजों को यह सुविधा दी जाती है। इसमें मरीज का शरीर काफी कमजोर होने के कारण इतना काबिल नहीं होता कि वह खुद नियमित रूप से सांस लेने के साथ अन्य गतिविधियां कर सके। वेंटिलेटर में मशीनों के सहारे यह सारी प्रक्रिया की जाती है। इस मशीन पर कई दिनों या महीनों तक किसी मरीज को रखा जा सकता है।

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