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शहर में 150 स्कूल बनेंगे स्मार्ट
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जम्मू। शहर में 150 से ज्यादा मिडिल और हायर सेकेंडरी स्कूल स्मार्ट बनेंगे, जिसमें बच्चे आधुनिक तकनीक से पढ़ाई कर सकेंगे। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शिक्षा निदेशालय को 11 करोड़ रुपये जारी किए हैं। शिक्षा निदेशालय को दिसंबर तक काम को पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।
मौजूदा समय में स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कहीं पर बैठने के लिए बैंच नहीं हैं, तो कहीं पुस्तकालय या प्रयोगशाला नहीं है। इस कारण बच्चों को पढ़ाई करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अब स्मार्ट सिटी परियोजना के दिशानिर्देशों के अनुसार सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। बच्चों के लिए डिजिटल क्लास रूम बनेंगे, जहां पर प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे। डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा भी मिलेगी, जहां विषय सहित देश-विदेश की जानकारी हासिल कर सकेंगे। लाइब्रेरी में पुस्तकों की कमी के चलते उचित जानकारी नहीं मिलती है, लेकिन अब आधुनिक तकनीक से पढ़ाई कर सफलता हासिल कर पाएंगे।
इन स्कूलों में हो रही प्रोजेक्टर से पढ़ाई
शहर के केनाल हायर सेकेंडरी स्कूल, मुबारक मंडी और रिहाड़ी स्कूल आदि में ही प्रोजेक्ट के माध्यम से पढ़ाई हो रही है। अन्य स्कूलों में साधारण तरीके से पढ़ाया जा रहा है।
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स्कूूलों में ये होंगे काम
- स्कूलों के ढांचे का जीर्णोद्धार किया जाएगा
- स्मार्ट स्कूल मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ेंगे
- डिजिटल क्लासरूम की सुविधा मिलेगी
- डिजिटल लाइब्रेरी, आईटी लैब, ई-लर्निंग सुविधा मिलेगी
- 24 घंटे बिजली-पानी की सुविधा होगी
- टॉयलेट सुविधा
- खेल मैदान और खेल सामग्री
शहर के स्कूलों को स्मार्ट बनाया जा रहा है। प्रोजेक्ट के तहत दिसंबर तक काम पूरा होना है। स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम, लाइब्रेरी के अलावा लैब सुविधा दी जाएगी। आधुनिक तकनीक से बच्चे पढ़ाई कर सकेंगे।
- सुनील ठुस्सू, परियोजना निदेशक, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
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मौजूदा समय में स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कहीं पर बैठने के लिए बैंच नहीं हैं, तो कहीं पुस्तकालय या प्रयोगशाला नहीं है। इस कारण बच्चों को पढ़ाई करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अब स्मार्ट सिटी परियोजना के दिशानिर्देशों के अनुसार सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। बच्चों के लिए डिजिटल क्लास रूम बनेंगे, जहां पर प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे। डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा भी मिलेगी, जहां विषय सहित देश-विदेश की जानकारी हासिल कर सकेंगे। लाइब्रेरी में पुस्तकों की कमी के चलते उचित जानकारी नहीं मिलती है, लेकिन अब आधुनिक तकनीक से पढ़ाई कर सफलता हासिल कर पाएंगे।
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इन स्कूलों में हो रही प्रोजेक्टर से पढ़ाई
शहर के केनाल हायर सेकेंडरी स्कूल, मुबारक मंडी और रिहाड़ी स्कूल आदि में ही प्रोजेक्ट के माध्यम से पढ़ाई हो रही है। अन्य स्कूलों में साधारण तरीके से पढ़ाया जा रहा है।
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स्कूूलों में ये होंगे काम
- स्कूलों के ढांचे का जीर्णोद्धार किया जाएगा
- स्मार्ट स्कूल मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ेंगे
- डिजिटल क्लासरूम की सुविधा मिलेगी
- डिजिटल लाइब्रेरी, आईटी लैब, ई-लर्निंग सुविधा मिलेगी
- 24 घंटे बिजली-पानी की सुविधा होगी
- टॉयलेट सुविधा
- खेल मैदान और खेल सामग्री
शहर के स्कूलों को स्मार्ट बनाया जा रहा है। प्रोजेक्ट के तहत दिसंबर तक काम पूरा होना है। स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम, लाइब्रेरी के अलावा लैब सुविधा दी जाएगी। आधुनिक तकनीक से बच्चे पढ़ाई कर सकेंगे।
- सुनील ठुस्सू, परियोजना निदेशक, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट