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कश्मीर: मदद के इंतजार में छह लाख लोग

Thu, 11 Sep 2014 03:29 PM IST
Updated Thu, 11 Sep 2014 03:29 PM IST
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six lakh awaits rescue in kashmir

जम्मू-श्रीनगर हाईवे अब भी बंद है। पहले जम्मू से रामबन का रास्ता खुला था लेकिन बुधवार को पस्सियां गिरने से यह मार्ग भी बंद हो गया। अधिकारियों का कहना है कि नेशनल हाईवे अगले दो दिन में खुल जाएगा। बाढ़ में फंसे लोग मदद की प्रतीक्षा में हैं। खाने-पीने की दिक्कत अब भी कायम है।

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फूड पैकेट हासिल करने की होड़ में नागरिकों ने एनडीआरएफ के जवान पर हमला बोल दिया। श्रीनगर के लिए फूड पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं। एयर फोर्स के विमान इस काम में लगे हैं। जनरल आफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल डी एस हुड्डा ने कहा है कि सेना हर व्यक्ति को बचाने के लिए दृढ़संकल्प है।
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श्रीनगर शहर में पानी का स्तर तीन से चार फीट तक घटा है। वैसे कई इलाकों में अब भी 6 से 10 फीट तक पानी जमा है। झेलम नदी का स्तर जब तक कम नहीं होता तब तक पानी का पूरी तरह बाहर निकलना संभव नहीं लग रहा है। डल लेक लबालब है। वुल्लर लेक में पानी कम हुआ है। मानसबल लेक में 18.3 फीट पानी है जो खतरे के निशान से 4.3 फीट ऊपर है।
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हजारों लोगों की अब तक कोई खोज-खबर नहीं

six lakh awaits rescue in kashmir

घाटी में आया सैलाब उतार पर है, लेकिन मुसीबतों की बाढ़ कम होने का नाम नही ले रही। बुधवार को श्रीनगर और अन्य शहरों के कई इलाकों में संचार सेवा बहाल हो जाने से कश्मीर में फंसे कई लोग पांच दिन बाद घरवालों को अपनी सलामती और मुसीबतों की जानकारी दे सके।

सेना और वायुसेना अब तक एक लाख लोगों की जान बचाकर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा चुकी है। अभी भी बाढ़ में फंसे लगभग छह लाख लोग मदद का इंतजार कर रहे हैं। कश्मीर के कई इलाके ऐसे हैं जहां अभी तक कोई इमदाद नहीं पहुंच सकी है। हजारों लोग ऐसे हैं जिनकी कोई खोज-खबर नहीं मिल रही है।

लोग भूख-प्यास से बेहाल हैं। बीमारियां दस्तक देने लगी हैं। छह दिन से बाढ़ में फंसे लोगों का गुस्सा राहत दलों पर भी फूटने लगा है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि मुसीबत की इस घड़ी में सरकार, प्रशासन और जन प्रतिनिधि कहीं नजर नहीं आ रहे हैं।

टापू में तब्दील हो गए पहाड़ के गांव

six lakh awaits rescue in kashmir

श्रीनगर और दक्षिणी कश्मीर के इलाकों में बाढ़ में फंसे लोगों की संख्या छह लाख के करीब है। जम्मू संभाग के राजोरी और पुंछ के इलाके अब भी बाढ़ से घिरे हैं। राहत कैंपों में पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। जम्मू के फ्लाएं मंडाल इलाके के करीब 60 गांव टापू में तब्दील हो गए थे। अब सेना ने वहां राहत तेज की है।

सेना लोगों को बाहर निकालने और फूड पैकेट पहुंचाने में जुटी है। देश भर से बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुंचाने के लिए कई राज्य सरकारें और संगठन आगे आए हैं। संचार सेवाएं आंशिक रूप से शुरू हुई हैं लेकिन अब भी अधिकांश फंसे लोगों से उनके रिश्तेदारों का संपर्क नहीं हो पा रहा है।

बाढ़ से घिरे लोगों की बेचैनी बढ़ रही है। इस बीच वैष्णो देवी की यात्रा नये-पुराने दोनों रूटों से जारी है। कटड़ा तक रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो गई है।

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