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कश्मीर में हालात और बिगड़ने का अंदेशा
ब्यूरो, अमर उजाला/नई दिल्ली
Updated Sat, 16 Apr 2016 11:53 PM IST
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घाटी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त
- फोटो : PTI
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केंद्र ने कश्मीर में सुरक्षा ग्रिड मजबूत करने के लिए अर्धसैनिक बल की अतिरिक्त 36 कंपनियां भेजने का फैसला किया है। दरअसल घाटी से आ रही खबरों से संकेत मिला है कि हालात 2010 की तरह बेकाबू हो सकते हैं।
कुछ उपद्रवी तत्वों की ओर से जानबूझकर स्थिति बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। वहीं घाटी से मिली रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए गृह मंत्रालय में गृहसचिव, खुफिया एजेंसी आईबी, रक्षा मंत्रालय और अर्धसैनिक बल के अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई है।
केंद्र ने जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को शांति बहाल करने के लिए हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है। साथ ही राज्य सरकार से सुनिश्चित करने को कहा है कि अब एक भी नागरिक की जान नहीं जाए। गृह मंत्रालय ने पिछले चार दिनों में हुई नागरिकों की मौत पर गहरी चिंता जताई है।
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हालात को और बिगड़ने से बचाने के लिए सुरक्षा बलों की 12 कंपनियों यानी करीब 12000 सुरक्षाकर्मियों को शनिवार को ही रवाना कर दिया गया है। बाकी 24 कंपनियां रविवार को जाएंगी।
सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय की बैठक में हंदवाड़ा की छात्रा के बयान और उसके परिवार वालों की उलटबयानी से उपजने वाले संभावित हालात की बारीकी से समीक्षा की गई है। इसके अलावा घाटी के उन भारत विरोधी तत्वों पर भी लंबी चर्चा हुई, जो जानबूझकर माहौल तनावपूर्ण करने की कोशिश में हैं। केंद्र को भरोसा है कि आने वाले कुछ दिनों में हालात काबू में आ जाएंगे।
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कुछ उपद्रवी तत्वों की ओर से जानबूझकर स्थिति बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। वहीं घाटी से मिली रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए गृह मंत्रालय में गृहसचिव, खुफिया एजेंसी आईबी, रक्षा मंत्रालय और अर्धसैनिक बल के अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई है।
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केंद्र ने जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को शांति बहाल करने के लिए हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है। साथ ही राज्य सरकार से सुनिश्चित करने को कहा है कि अब एक भी नागरिक की जान नहीं जाए। गृह मंत्रालय ने पिछले चार दिनों में हुई नागरिकों की मौत पर गहरी चिंता जताई है।
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हालात को और बिगड़ने से बचाने के लिए सुरक्षा बलों की 12 कंपनियों यानी करीब 12000 सुरक्षाकर्मियों को शनिवार को ही रवाना कर दिया गया है। बाकी 24 कंपनियां रविवार को जाएंगी।
सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय की बैठक में हंदवाड़ा की छात्रा के बयान और उसके परिवार वालों की उलटबयानी से उपजने वाले संभावित हालात की बारीकी से समीक्षा की गई है। इसके अलावा घाटी के उन भारत विरोधी तत्वों पर भी लंबी चर्चा हुई, जो जानबूझकर माहौल तनावपूर्ण करने की कोशिश में हैं। केंद्र को भरोसा है कि आने वाले कुछ दिनों में हालात काबू में आ जाएंगे।