तीन वर्ष के बच्चे की मौत के विरोध में कश्मीर घाटी बंद
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घाटी में अलगाववादियों के बंद के आह्वान का रविवार को जनजीवन पर असर पड़ा। श्रीनगर में सभी दुकानें, पेट्रोल पंप तथा व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। सार्वजनिक वाहन भी सड़कों पर नहीं निकले। लोग व्यक्तिगत वाहनों से आ-जा रहे थे।
सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। संवेदनशील इलाकों में भारी फोर्स की तैनाती की गई थी। हुर्रियत (जी) के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी ने आतंकी हमले में तीन वर्ष के बच्चे की मौत के विरोध में बंद का आह्वान किया था, जिसका विभिन्न अलगाववादी गुटों ने समर्थन किया था।
बंद के चलते श्रीनगर तथा आसपास के इलाकों में दुकानें बंद रहीं। घाटी के अन्य जिलों से भी इसी प्रकार की सूचनाएं हैं। एक अधिकारी ने बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति बंद के चलते नहीं बिगड़ी।
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध
सिटी सेंटर के नजदीक कुछ दुकानें साप्ताहिक बंदी के चलते भी बंद रहीं। सोपोर में पूर्व आतंकी बशीर अहमद पर शुक्रवार को हुए आतंकी हमले में मौत तथा इसमें गोलियों से घायल उसके तीन वर्ष के बेटे बुरहान की मौत के विरोध में गिलानी ने बंद का आह्वान किया था।
गिलानी ने घटना की निंदा करते हुए था कि बुरहान, उसके पिता बशीर तथा हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर की हत्या कश्मीर की जनता के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कोई भी धर्म बच्चे की हत्या की अनुमति नहीं देता है, यहां तक कि युद्ध के मैदान में भी।
यह मानवता की हत्या है और जिस किसी ने भी इस प्रकार का कृत्य किया है उसने मानवता के खिलाफ गंभीर अपराध किया है। इसकी हर किसी को निंदा करनी चाहिए।