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सभी के धर्मों का करें सम्मान, अपने को रखें प्रमुख: जोगिंदर शास्त्री
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गांव तरेवा में श्रीमद्भागवत सप्ताह का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। गांव तरेवा में श्रीमद्भागवत सप्ताह का समापन शुक्रवार को हो गया। इस दिन सुबह हवन-पूजन के बाद कथावाचक जोगिंदर शास्त्री ने संगत को राजा परीक्षित की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि राजा परीक्षित को पांडवों की कथा सुनने के बाद ही मोक्ष प्राप्त हुआ था। भागवत कथा सुनने से हर किसी को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
कथावाचन ने कहा कि मां-बाप की सेवा करना इंसान का प्रमुख कर्तव्य होता है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का उच्चारण घर में भी होना चाहिए, जिससे कई प्रकार के क्लेश खत्म होते हैं। बच्चों की परवरिश के साथ उन्हें सनातन धर्म की परिभाषा भी बतानी चाहिए। धर्म सर्वोपरि होता है। सभी धर्म का सम्मान करना चाहिए, परंतु अपने धर्म को प्रमुखता से आगे रखना चाहिए।
कथा समापन के बाद कलश यात्रा निकाली गई। तय समय पर आरती हुई और भंडारे का आयोजन हुआ। पंचायत की सरपंच बलबीर कौर ने कहा कि उनके गांव में भागवत कथा का आयोजन बड़ी मान्यता रखता है। लोगों को एकजुट होने का मौका मिलता है और ऐसा अवसर हर गांव में आना चाहिए, ताकि लोग धर्म के साथ जुड़कर एक दूसरे के साथ प्यार से रह सकें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। गांव तरेवा में श्रीमद्भागवत सप्ताह का समापन शुक्रवार को हो गया। इस दिन सुबह हवन-पूजन के बाद कथावाचक जोगिंदर शास्त्री ने संगत को राजा परीक्षित की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि राजा परीक्षित को पांडवों की कथा सुनने के बाद ही मोक्ष प्राप्त हुआ था। भागवत कथा सुनने से हर किसी को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
कथावाचन ने कहा कि मां-बाप की सेवा करना इंसान का प्रमुख कर्तव्य होता है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का उच्चारण घर में भी होना चाहिए, जिससे कई प्रकार के क्लेश खत्म होते हैं। बच्चों की परवरिश के साथ उन्हें सनातन धर्म की परिभाषा भी बतानी चाहिए। धर्म सर्वोपरि होता है। सभी धर्म का सम्मान करना चाहिए, परंतु अपने धर्म को प्रमुखता से आगे रखना चाहिए।
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कथा समापन के बाद कलश यात्रा निकाली गई। तय समय पर आरती हुई और भंडारे का आयोजन हुआ। पंचायत की सरपंच बलबीर कौर ने कहा कि उनके गांव में भागवत कथा का आयोजन बड़ी मान्यता रखता है। लोगों को एकजुट होने का मौका मिलता है और ऐसा अवसर हर गांव में आना चाहिए, ताकि लोग धर्म के साथ जुड़कर एक दूसरे के साथ प्यार से रह सकें।
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