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बम-बम बम भोले के जयघोष से गूंजे शिवालय
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जम्मू। कोविड महामारी के चलते दो साल बाद महाशिवरात्रि का त्योहार शहरवासियों ने बहुत धूमधाम और उत्साह से मनाया। अलसुबह चार बजे से भक्तों का शिवालयों में पहुंचना शुरू हो गया था, जो देर शाम तक जारी रहा। शिवलिंग का जलाभिषेक कर मन्नतें मांगी। आपशंभू और रणवीरेश्वर मंदिर एक लाख से ज्यादा भक्तों ने दर्शन किए हैं।
मंदिरों के शहर में महाशिवरात्रि की काफी धूम रही। अलसुबह से लेकर शाम तक भोले के भजनों के बीच मंदिरों में पहुंचते रहे। कोविड के चलते दो साल बाद शिवरात्रि में भक्त भोले की भक्ति में लीन नजर आए। बम-बम भोले और जय शिव शंकर के जयघोष के साथ लाखों श्रद्धालुओं ने शिवालयों में हाजिरी लगा कर सुख-समृद्धि की कामना की। शहर के प्रमुख मंदिर पीरखो, आपशंभू और रणवीरेश्वर मंदिर में दर्शनों के लिए देर रात तक कतारें लगी रहीं। शिव दर्शन के प्रति लोगों की आस्था और उत्साह देखते ही बनता था। रूपनगर स्थित आपशंभू और रणवीरेश्वर में एक (50-50) लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। पीरखो मंदिर में भी भक्तों का हुजूम उमड़ा रहा। शिवभक्त राकेश कुमार ने कहा कि हर वर्ष दर्शनों के लिए आता हूं। दो साल से भीड़ कम थी, लेकिन इस बार शिवरात्रि पर काफी भीड़ जुटी है।
शहर में जगह-जगह लगे लंगर
शिवरात्रि पर शहर के प्रमुख मंदिरों सहित जगह-जगह हजारों लंगर लगाए गए, जहां शिवभक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। तवी पुल के साथ स्थित शिवमंदिर में सुबह से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। वहीं, भजनों पर शिव भक्तों झूमते भी दिखे। शहर के फतु चौगान में भी विशाल लंगर लगाया गया।
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रणवीरेश्वर मंदिर में लगा आयुष शिविर
रणवीरेश्वर मंदिर परिसर में आयुष की ओर से शिविर लगाया गया। इसमें भक्तों को निशुल्क आयुर्वेदिक दवाइयां वितरित की गईं। शिविर का आयोजन मंदिर प्रबंधन ने आयुष विभाग के साथ मिलकर किया था।
पक्का डंगा में मनाया चंडी माता मंदिर का स्थापना दिवस
पक्का डंगा स्थति महालक्ष्मी मंदिर में मंगलवार को श्री चंडी माता का स्थापना दिवस मनाया गया। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। इस दौरान कोविड नियमों का पालन किया। एक मार्च 1997 को सेवक ठाकुर कुलवीर सिंह जमवाल ने मां का त्रिशूल स्थापित किया था। इसके बाद हर वर्ष एक मार्च को स्थापना दिवस मनाया जाता है।
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मंदिरों के शहर में महाशिवरात्रि की काफी धूम रही। अलसुबह से लेकर शाम तक भोले के भजनों के बीच मंदिरों में पहुंचते रहे। कोविड के चलते दो साल बाद शिवरात्रि में भक्त भोले की भक्ति में लीन नजर आए। बम-बम भोले और जय शिव शंकर के जयघोष के साथ लाखों श्रद्धालुओं ने शिवालयों में हाजिरी लगा कर सुख-समृद्धि की कामना की। शहर के प्रमुख मंदिर पीरखो, आपशंभू और रणवीरेश्वर मंदिर में दर्शनों के लिए देर रात तक कतारें लगी रहीं। शिव दर्शन के प्रति लोगों की आस्था और उत्साह देखते ही बनता था। रूपनगर स्थित आपशंभू और रणवीरेश्वर में एक (50-50) लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। पीरखो मंदिर में भी भक्तों का हुजूम उमड़ा रहा। शिवभक्त राकेश कुमार ने कहा कि हर वर्ष दर्शनों के लिए आता हूं। दो साल से भीड़ कम थी, लेकिन इस बार शिवरात्रि पर काफी भीड़ जुटी है।
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शहर में जगह-जगह लगे लंगर
शिवरात्रि पर शहर के प्रमुख मंदिरों सहित जगह-जगह हजारों लंगर लगाए गए, जहां शिवभक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। तवी पुल के साथ स्थित शिवमंदिर में सुबह से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। वहीं, भजनों पर शिव भक्तों झूमते भी दिखे। शहर के फतु चौगान में भी विशाल लंगर लगाया गया।
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रणवीरेश्वर मंदिर में लगा आयुष शिविर
रणवीरेश्वर मंदिर परिसर में आयुष की ओर से शिविर लगाया गया। इसमें भक्तों को निशुल्क आयुर्वेदिक दवाइयां वितरित की गईं। शिविर का आयोजन मंदिर प्रबंधन ने आयुष विभाग के साथ मिलकर किया था।
पक्का डंगा में मनाया चंडी माता मंदिर का स्थापना दिवस
पक्का डंगा स्थति महालक्ष्मी मंदिर में मंगलवार को श्री चंडी माता का स्थापना दिवस मनाया गया। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। इस दौरान कोविड नियमों का पालन किया। एक मार्च 1997 को सेवक ठाकुर कुलवीर सिंह जमवाल ने मां का त्रिशूल स्थापित किया था। इसके बाद हर वर्ष एक मार्च को स्थापना दिवस मनाया जाता है।