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Jammu Kashmir Terrorist: आतंकी साजिश में शबनम ने दिया था पति का साथ, अब अदालत ने जमानत देने से किया इंकार

Tue, 08 Jul 2025 12:59 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू
अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Tue, 08 Jul 2025 12:59 PM IST
सार

रियासी की शबनम अख्तर की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी, उस पर आतंकी साजिश में पति का साथ देने का आरोप है। जांच में खुलासा हुआ कि पाकिस्तान से हथियार और नकदी की खेपें ड्रोन के जरिए भेजी गईं, जिनमें से एक रकम शबनम के नाम एफडी में जमा की गई थी।

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She had supported her husband in the terrorist conspiracy, the court refused to grant her bail
जम्मू कश्मीर पुलिस - फोटो : बासित जरगर

विस्तार

आतंकी साजिश में गिरफ्तार रियासी की अंगराला निवासी शबनम अख्तर की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। शबनम पर पति जफर इकबाल का साजिश में साथ देने का आरोप है। जफर 15 सितंबर, 2022 में हथियारों और नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया था।

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यह नकदी व हथियार पाकिस्तान में बैठे लश्कर के आतंकी हैंडलर मोहम्मद कासिम ने ड्रोन के जरिए भेजे थे। सोमवार को तीसरे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जम्मू मदन लाल ने याचिका पर दलीलें सुनने के बाद इसे खारिज कर दिया। कहा कि जमानत का आधार नजर नहीं आता। अभी मामले की जांच जारी है।
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पुलिस केस के मुताबिक, जफर इकबाल का भाई मोहम्मद इशाक आतंकी मोहम्मद कासिम के साथ मिलकर काम करता था। जफर को वर्ष 2002 में राजोरी के कालाकोट में सुरक्षाबलों ने आतंकी मुठभेड़ में मार गिराया था। इसका बदला लेने के लिए जफर ने कासिम का साथ दिया। वह उसके लिए रियासी जिले में आतंकवाद को दोबारा जिंदा करने में लग गया। 

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पाकिस्तान में छिपा बैठा आतंकी कासिम, मूल रूप से रियासी का निवासी
व्हाट्सएप के जरिए जोड़ा, कट्टरवाद का पाठ पढ़ायापुलिस जांच में पता चला कि पाकिस्तान में बैठा मोहम्मद कासिम भी मूल रूप से रियासी का रहने वाला है। कासिम 2002 में आतंकी संगठन लश्कर में शामिल हो गया, लेकिन इसी वर्ष पाकिस्तान भाग गया।

पाकिस्तान भाग जाने के बाद वह लगातार राजोरी, पुंछ और रियासी में आतंकवाद को दोबारा जिंदा करने का प्रयास करता रहा। क्योंकि ये इलाके वर्ष 2010 से लेकर 2022 तक शांत रहे। कासिम इन इलाकों में मारे गए आतंकियों के परिजनों से व्हाट्सएप और इंटरनेट काॅलिंग के जरिए संपर्क करता रहा। इसी दौरान उसने अपने साथ काम करने वाले मारे गए आतंकी जफर के भाई इकबाल को जोड़ लिया।

सीमा पार से तीन बार भेजी गई हथियारों और नकदी की खेप
तीन खेप हासिल कींजांच में यह भी सामने आया कि आरोपी जफर को कासिम ने सीमा पार से हथियारों और नकदी की तीन खेप भेजीं। पहली खेप राजोरी जिले के कालाकोट वन क्षेत्र में 2022 में भेजी। इसमें 30 हजार नकदी और एक ग्रेनेड था। दूसरी खेप राजोरी के चिंगस वन क्षेत्र से तीन लाख रुपये, दो ग्लॉक पिस्टल, चार मैगजीन हासिल थीं। यह सब जफर ने अंगराला में ही एक जगह छुपा दिया। तीन लाख में से जफर ने एक लाख की एफडी पत्नी शबनम के नाम बैंक में करा दी। इसका पता होने के बावजूद शबनम ने पति को साथ दिया। 

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