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पूर्व मंत्री ने शिक्षा मंत्री पर लगाया ब्लैकमेल का आरोप

Sun, 26 Oct 2014 08:21 PM IST
Updated Sun, 26 Oct 2014 08:21 PM IST
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sham lal says' NC broken faith

अपनी ही सरकार से नाराज रियासत के पीएचई, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री शाम लाल शर्मा ने इस्तीफा देने के दो दिन बाद रविवार को सरकार में गठबंधन सहयोगी दल नेशनल कांफ्रेंस पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री मोहम्मद अकबर लोन पर ब्लैकमेल करने के आरोप भी लगाए।

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शर्मा ने साफ किया कि मुख्यमंत्री के रियासत के बाहर होने की वजह से उन्होंने अपना इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रो. सैफुद्दीन सोज को सौंपा। हालांकि इस्तीफे के मंजूर या नामंजूरी पर उन्होंने बस इतना कहा कि अंतर्रात्मा की आवाज पर जम्मू के हक के लिए उन्होंने इस्तीफा दिया है और वह उस पर कायम है।
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प्रेस क्लब में संवाददाता सम्मेलन में शाम लाल शर्मा ने कहा कि वह पिछले डेढ़ साल से पीएचई, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के मंत्री का जिम्मा संभाल रहे थे। इस मंत्रालय में उन्होंने काम करने वाले अस्थायी मुलाजिमों को उनका हक दिलवाने के लिए अधिकारियों को सूची तैयार करने को कहा।
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अंत में जो सूची तैयार हुई, उसमें जम्मू संभाग में पीएचई विभाग में 16070, आरटीआईसी जम्मू में 36, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग जम्मू में 926 अस्थायी मुलाजिम काम कर रहे है।

नेशनल कांफ्रेंस ने विश्वास तोड़ा

sham lal says' NC broken faith

वहीं कश्मीर में पीएचई विभाग में 6062, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग कश्मीर में 617 अस्थायी मुलाजिम शामिल है। शर्मा ने कहा कि कैबिनेट सब कमेटी जिसमें वह भी सदस्य हैं, उन्होंने करीब उनके मंत्रालय समेत विभिन्न विभागों में काम करने वाले करीब 62 हजार मुलाजिमों को नियमित करने की सिफारिश भी सरकार से की थी।

इनमें पीएचई विभाग में सबसे ज्यादा मुलाजिम थे। उन्होंने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस ने विश्वास तोड़ते हुए पहले कैबिनेट मेमो लाने में बाधा खड़ी की। इसी बीच उच्च शिक्षा मंत्री मोहम्मद अकबर लोन उनके पास 500 लोगों की लिस्ट लेकर आए और बोले अगर सूची में इनको शामिल किया जाता है, तो नेकां मंत्री कैबिनेट मेमो में हस्ताक्षर करने को तैयार हैं। उच्च शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि जम्मू संभाग के अधिक अस्थायी मुलाजिमों को नियमित करने की तैयारी की जा रही है।

शर्मा ने कहा कि सच्चाई यह थी कि 1994 के बाद कश्मीर में एसआरओ 64 के तहत 11984 अस्थायी कर्मियों को नियमित किया गया, जबकि जम्मू में महज 855 को। उन्होंने कहा कि ब्लैकमेलिंग के आगे झुकते के बजाय उन्होंने जम्मू के लोगों के हक के लिए अपना इस्तीफा देने बेहतर समझा।

गठबंधन सरकार में छह साल रहने के बाद आखिरी दिनों में इस्तीफे के सवाल पर शाम लाल शर्मा ने कहा कि उन्होंने हर मंच और हर कैबिनेट बैठक में जम्मू के हक की आवाज उठाई। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा वह कांग्रेस में ही रहेंगे और इस पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में चुनाव लड़ेंगे।

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