फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Shaiv Darshan and Indian Philosophy Courses to be converted into Diploma

डिप्लोमा में बदले जाएंगे शैव दर्शन और भारतीय दर्शन कोर्स

विज्ञापन
Shaiv Darshan and Indian Philosophy Courses to be converted into Diploma
जम्मू। केंद्रीय विश्वविद्यालय के तुलनात्मक एवं सभ्यता केंद्र विभाग में चल रहे शैव दर्शन और भारतीय दर्शन कोर्स को डिप्लोमा में बदला जाएगा। केंद्रीय विवि जम्मू में शैव दर्शन और भारतीय दर्शन में इस समय सार्टिफिकेट कोर्स चल रहे हैं। दोनों कोर्सों के लिए 25-25 सीटें निर्धारित हैं। इन्हीं को अब डिप्लोमा में परिवर्तित किया जाएगा।
विज्ञापन

सभ्यता केंद्र की ओर से विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए यह पहल की जा रही है। इससे प्रदेश समेत बाकी राज्यों और देशों के विद्यार्थी भी ऑनलाइन पढ़ सकेंगे। इन कोर्सों का ज्ञान प्राप्त करने से विद्यार्थी देश की संस्कृति, इतिहास और सभ्यता के बारे में जानेंगे। शैव दर्शन कोर्स में देश और विदेश के विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। बीते वर्ष इस कोर्स में सभी सीटें भर गई थीं, लेकिन भारतीय दर्शन में 13 सीटें खाली रहीं।
विज्ञापन

इसके अलावा केंद्रीय विवि में ब्रह्मी और शारदा लिपि में भी डिप्लोमा कोर्स कराया जा रहा है। शारदा और ब्रह्मी लिपि 9वीं शताब्दी में उत्पन्न हुई हैं। मौजूदा समय में इस लिपि का उपयोग बहुत कम किया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय विवि के सभ्यता केंद्र ने इसकी ओर ध्यान दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बता दें कि यह लिपि हिमाचल प्रदेश में 13वीं शताब्दी तक प्रयोग की जाती थी। उसके बाद वहां भी इसका खास प्रभाव नहीं रहा। विभाग ने धर्म अध्ययन, दर्शन, इतिहास एवं साहित्यिक समाज, इत्यादि विषय रखे हैं। इन विषयों को पढ़ने वाले विद्यार्थी भी तुलनात्मक धर्म में शोध कर सकते हैं। शोध के माध्यम से भी इन कोर्सों का प्रचार किया जा रहा है, ताकि हर एक व्यक्ति कश्मीर की प्राचीन संस्कृति को पुनर्जीवित कर सके।

--------------
विद्यार्थियों को कश्मीर के इतिहास और संस्कृति से रूबरू कराने के लिए इन कोर्सों को डिप्लोमा में बदला जा रहा है। पीएचडी शोध प्रणाली के माध्यम से लोगों का ज्ञान वर्धन दिया जा रहा है। अंतर अनुशासनिक शोध को बढ़ावा देकर धर्म अध्ययन, साहित्य का इतिहास, आदि विषयों के विद्यार्थियों को पूरा अवसर दिया जा रहा है।
- डॉ. अजय कुमार सिंह, तुलनात्मक धर्म और सभ्यता केंद्र विभाग के सहायक, केंद्रीय विवि
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed