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जम्मू कश्मीर: कोरोना के बीच डीआरडीओ के 150 अनुबंध चिकित्सा कर्मियों की सेवाएं समाप्त, मानदेय भी नहीं मिला
Tue, 25 Apr 2023 02:45 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Tue, 25 Apr 2023 02:45 AM IST
सार
चिकित्सा कर्मियों ने बताया कि कोविड के दौरान डीआरडीओ के स्थापित होने पर जून 2021 से 2022 तक डीआरडीओ स्टाफ को नियुक्त किया गया था। इसके बाद दिसंबर 2022 तक स्टाफ को एक्सटेंशन दिया गया। उनका आरोप है कि डीआरडीओ को तीन साल के लिए स्थापित किया गया था।
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DRDO covid Hospital Jammu
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में कोविड की आहट के बीच डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) के अनुबंध चिकित्सा कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। जीएमसी जम्मू और एसोसिएटेड अस्पतालों में ही ऐसे करीब 150 कर्मी हैं, जिन्हें जनवरी 2023 से वेतन भी जारी नहीं किया गया है।
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अचानक इतने स्टाफ को बाहर कर देने से एसोसिएटेड अस्पतालों में स्टाफ का संकट खड़ा हो गया है। खासतौर पर एमसीएच (जच्चा बच्चा) अस्पताल गांधीनगर जम्मू, राज्य कैंसर संस्थान जम्मू और जीएमसी जम्मू के कई प्रमुख यूनिट बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।
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देर रात तक स्टाफ को जुटाने की कोशिशें की जा रही थीं। जीएमसी में छुट्टी पर गए चिकित्सा स्टाफ से ड्यूटी पर वापस आने की अपील की गई है। डीआरडीओ स्टाफ कर्मियों का आरोप है कि उन्हें जनवरी 2023 से वेतन जारी नहीं किया गया है और अचानक उन्हें बाहर कर दिया गया है।
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इस चिकित्सा स्टाफ को जम्मू और श्रीनगर में डीआरडीओ अस्पताल में लगाया गया था, लेकिन डीआरडीओ को समाप्त कर देने के बाद स्टाफ को एसोसिएटेड अस्पतालों में एडजेस्ट किया गया था।सेवाएं समाप्त कर देने के विरोध में चिकित्सा कर्मी मंगलवार को प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।
चिकित्सा कर्मियों ने बताया कि कोविड के दौरान डीआरडीओ के स्थापित होने पर जून 2021 से 2022 तक डीआरडीओ स्टाफ को नियुक्त किया गया था। इसके बाद दिसंबर 2022 तक स्टाफ को एक्सटेंशन दिया गया। उनका आरोप है कि डीआरडीओ को तीन साल के लिए स्थापित किया गया था।
उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि उनकी जुलाई 2024 तक सेवाएं जारी रहेंगी। दिसंबर 2022 के बाद कर्मियों की सेवाएं जारी रखी गईं, लेकिन उन्हें जनवरी 2022 से वेतन जारी नहीं किया गया। उनका आरोप है कि जीएमसी प्रशासन जम्मू की ओर से गत 19 अप्रैल को एक आदेश निकालकर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, लेकिन उन्हें 24 अप्रैल को बताया गया, जबकि उनकी सेवाएं ली जा रही थीं।
इससे पहले गत 13 अप्रैल को स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंडर सचिव वकार तालिब की ओर से जीएमसी जम्मू और श्रीनगर की प्रिंसिपल को एक पत्र जारी कर पूछा गया कि उन्होंने किस आधार पर डीआरडीओ चिकित्सा स्टाफ की सेवाएं जारी रखी हैं।
इसमें बताया गया कि जनवरी 2023 से बिना प्रशासनिक विभाग की अनुमति के जीएमसी प्रशासनों ने डीआरडीओ स्टाफ की सेवाएं कैसे जारी रखीं। इसमें सरकारी नियमों का उल्लंघन किया गया। जिसके बाद 19 अप्रैल को जीएमसी प्रशासनों की ओर से डीआरडीओ कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया गया। इस आदेश को लेकर कर्मियों में भारी रोष है। मंगलवार को सेवाएं समाप्त करने के विरोध में कर्मी प्रदर्शन कर सकते हैं।