मसरत आलम रिहा होने के बाद फिर गिरफ्तार
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घाटी में पाकिस्तानी झंडे फहराने और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में न्यायिक हिरासत में भेजे गए मसरत आलम को मंगलवार को फिर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मिली जानकारी के अनुसार मसरत पर लगा पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) आज ही समाप्त हुआ था।
कोट भलवाल जेल में उसे दोपहर 12 बजे के बाद रिहा किया गया था। लेकिन जेल से बाहर निकलते ही गेट पर पुलिस ने उसे किसी अन्य मामले में गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पुलिस अधिकारी इस संबंध में बात करने से कतराते रहे।
लेकिन बताया जा रहा है कि उसे गिरफ्तार करने के बाद किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। ऐसी चर्चा है कि मसरत को मीरा साहिब स्थित ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर (जेआईसी) ले जाया गया है, लेकिन अधिकारी इससे इंकार करते रहे।
17 अप्रैल को मसरत आलम गिरफ्तार किया गया था
उल्लेखनीय है कि राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण 17 अप्रैल को उसे गिरफ्तार किया गया था और उस पर पीएसए लगाया गया था। उसके बाद उसे कोट भलवाल जेल भेज दिया गया था।
एक सप्ताह पहले हाईकोर्ट ने उसे पीएसए के तहत न्यायिक हिरासत में रखने को अवैध करार दिया था और सरकार को उसे रिहा करने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि उसकी गिरफ्तारी लोकतांत्रिक और कानून के प्रतिकूल है। जब तक ट्रायल के आधार पर उसका दोष साबित नहीं हो जाता, उसे न्यायिक हिरासत में रखना आपराधिक न्याय शास्त्र के मौलिक सिद्धांत का उल्लंघन है।
मुस्लिम लीग के प्रवक्ता मोहम्मद रफीक गनई ने कहा. ‘जेल अथारिटी को उन्होंने मसरत की रिहाई के आदेश की कापी आज दी थी। जैसे ही उसे रिहा किया गया, वहां पहले से मौजूद कुछ पुलिसकर्मियोें ने उसे उठा लिया और उसे जबरन अपने साथ ले गए। पुलिस उसे कहां ले गई है, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। हम उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।’
अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी का करीबी माने जाने वाला मसरत घाटी में हिंसक आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेता रहा है और उसे कई बार गिरफ्तार किया गया है।
नौ मार्च को रियासत में नई गठबंधन सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री मुफ्ती ने मसरत की रिहाई के आदेश दिए थे। जिसके बाद काफी विवाद हुआ था। विपक्षी राजनीतिक दलों ने उनके फैसले की कड़ी आलोचना की थी। 17 अप्रैल को उसे फिर पाकिस्तानी झंडा फहराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।