फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   separatism effect down in kashmir valley

अलगाववादियों की इस सच्चाई को पढ़कर चौक जाएंगे आप

Mon, 04 May 2015 01:45 PM IST
Updated Mon, 04 May 2015 01:45 PM IST
विज्ञापन
separatism effect down in kashmir valley

जुमे के दिन ही धरना प्रदर्शन करने के अलगाववादियों के कदम को जम्मू कश्मीर में उनके कमजोर हो रहे आधार के रूप में देखा जा रहा है।

विज्ञापन


जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र के निदेशक आशुतोष भटनागर का कहना है कि इज्जत बचाने के लिए अलगाववादी नेता अपना प्रदर्शन जुमे के दिन (शुक्रवार) आयोजित करते हैं ताकि नमाज की भीड़ का सहारा लेकर फायदा उठाया जा सके।

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह का भी मानना है कि सूबे में अलगाववाद की जड़े सूख रही हैं। अलगाववादियों का असर महज कश्मीर के 5 जिलों तक सीमित रह गया है।
विज्ञापन


उनका कहना है कि सूबे की जनता का विश्वास अलगाववादियों पर से उठ चुका है, इसलिए अपनी पहचान बनाए रखने के लिए वे अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं लेकिन इसका असर जमीन पर नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अलगाववाद‌ियों का कश्मीर में कम हो रहा है असर

separatism effect down in kashmir valley

जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र सूबे की सियासी गतिविधियों पर पल-पल की नजर जमाए हुए है। केंद्र के निदेशक आशुतोष का कहना है कि अलगाववादी नेता ऐसे अवसर तलाशते हैं जहां भीड़ हो। लगातार ऐसे कई मामले देखने में आए हैं जब अलगाववादियों ने नमाज के दिन ही धरना और प्रदर्शन किए।

अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने भी शुक्रवार को ही पाक हितैषी नारे लगाने के साथ पाक का झंडा लहराया था। इससे पहले मसर्रत ने भी अपना प्रदर्शन शुक्रवार को ही रखा था। भारत सरकार का खुफिया विभाग भी अलगाववाद की इस सच्चाई को कबूल करता है।

खुफिया सूत्रों का कहना है कि नमाज की भीड़ की आड़ का लाभ उठाते हुए अलगाववादी नेता पुलिस और सुरक्षा बलों को कार्रवाई के लिए उकसाते हैं ताकि वे अपने मकसद को जनता की मांग बता सकें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed