{"_id":"5f3ee31b8ebc3e3cd51888c9","slug":"security-forces-killed-4-terrorist-commanders-in-jammu-and-kashmir-in-last-4-days","type":"story","status":"publish","title_hn":"4 दिन में 4 आतंकी कमांडर ढेर, आतंकियों की लीडरशिप हुई है ब्रेक : डीजीपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
4 दिन में 4 आतंकी कमांडर ढेर, आतंकियों की लीडरशिप हुई है ब्रेक : डीजीपी
Fri, 21 Aug 2020 02:24 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 21 Aug 2020 02:24 AM IST
विज्ञापन
हंदवाड़ा में मुठभेड़ के बाद बरामद हथियार
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि इस वर्ष अब तक सुरक्षाबलों ने कश्मीर घाटी में 26 आतंकी टॉप कमांडर मार गिराए गए हैं। यह सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी है। इससे घाटी में आतंकियों की टॉप लीडरशिप ब्रेक हुई है। पिछले 4 दिनों में घाटी में हुई 3 अलग-अलग मुठभेड़ों के दौरान चार टॉप कमांडर मारे जा चुके हैं।
विज्ञापन
उत्तरी-कश्मीर के हंदवाड़ा में ऑपरेशन में दो आतंकियों के मारे जाने के बाद वीरवार को पत्रकारों से बातचीत में डीजीपी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सुरक्षाबलों को मुठभेड़ों में बड़ी कामयाबियां हाथ लगी हैं। इनसे अवाम को भी काफी राहत मिलेगी। इससे पहले क्रीरी बारामुला में हुई मुठभेड़ में उत्तरी कश्मीर का लश्कर का सबसे बड़ा कमांडर सज्जाद हैदर अपने एक पाकिस्तानी साथी उस्मान और एक स्थानीय साथी अनायतुल्ला के साथ मारा गया।
विज्ञापन
डीजीपी ने बताया कि दो से तीन ऐसे ग्रुप थे जो लश्कर के साथ काम कर रहे थे। इनमें से एक नसीर था जो हंदवाड़ा मुठभेड़ में मारा गया और दूसरा हैदर जो बारामुला में मार गिराया गया। यह दोनों आतंकी उत्तरी कश्मीर में आपसी तालमेल के साथ काम कर रहे थे। नासिर पाकिस्तान में ट्रेनिंग हासिल कर लौटा था और एक खूंखार आतंकी था। सीआरपीजी के जवानों सहित कई सुरक्षाबलों की हत्या के पीछे शामिल था। बुधवार शाम शोपियां मुठभेड़ में हिज्ब के तालिब हुसैन नाम का आतंकी मारा गया।
विज्ञापन
तीन ऑपरेशनों में चार कमांडर किए ढेर
दिलबाग सिंह के अनुसार इन तीन ऑपरेशन के दौरान चार ऐसे टॉप कमांडर मार गिराए गए जो ए कैटेगरी के थे और टॉप 10 और टॉप 20 में शामिल थे। डीजीपी के अनुसार हंदवाड़ा पुलिस ने हाल ही में एक ऐसा आतंकी पकड़ा था जो बांदीपोरा में हथियार लेने आया था ताकि वो आतंकवाद में शामिल हो सके।
युवा आतंकवाद में शामिल न हो, यही हमारी कोशिश
डीजीपी ने कहा कि हमारी कोशिश केवल आतंकवादियों का खात्मा करने की नहीं है, क्योंकि आतंकवादी मरने से केवल आतंकवाद खत्म नहीं होता। बल्कि कोशिश है कि युवा आतंकवाद में शामिल न हो और उसके लिए कानून व्यवस्था को बनाए रखना काफी जरूरी है। डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2019 और वर्ष 2020 में कानून व्यवस्था की स्थिति या फिर मुठभेड़ के दौरान कोई भी नागरिक की मौत नहीं हुई। श्रीनगर और कुलगाम में दो-दो ऐसे ऑपरेशन रोकने पड़े, जिसमें हमें पता चला कि इनमें स्थानीय आतंकी फंसा हुआ है। हमने उनके परिवारवालों को पहले बुलाया और उनसे अपील कारवाई गई। बुधवार को ही शोपियां पुलिस ने ऐसा आतंकी पकड़ा जो हाल ही में शामिल हुआ था और उसे वापस लाकर परिवार के हवाले किया गया।