आईएसआईएस से जुड़ी खबरों ने बढ़ाई सुरक्षा बलों की चिंता
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जम्मू कश्मीर में आतंकी संगठन आईएसआईएस को सक्रिय करने संबंधी खबरों ने सुरक्षा बलों की चिंता बढ़ा दी है। घाटी में आईएसआईएस अपनी पैठ जमाना चाह रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस बाबत केंद्र सरकार को एक रिपोर्ट भेजी है।
सेना की उत्तरी कमान की रिपोर्ट भी कहती है कि घाटी में आईएसआईएस अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश कर रहा है। अमरनाथ यात्रा मार्ग में हुए हमले और घाटी में लगातार हो रहे ग्रेनेड हमलों के पीछे आईएसआईएस से प्रभावित स्थानीय आतंकी संगठन लश्कर-ए इस्लाम को जिम्मेदार माना गया है।
दरअसल, भारत और पाकिस्तान के बीच शुरू हुई बातचीत आतंकी संगठनों को रास नहीं आ रही है। हिजबुल मुजाहिदीन ने पहले ही अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने का ऐलान कर दिया था।
हालांकि सेना और सुरक्षा बलों की कड़ी चौकसी के कारण आतंकी संगठन अपने नापाक इरादों में कामयाब नहीं हो पाए हैं लेकिन वे लगातार ग्रेनेड हमले कर अपनी मौजूदगी का अहसास करा रहे हैं।
कश्मीर में इस साल घुसपैठ कर चुके हैं 65 आतंकी
पहलगाम में यात्रा मार्ग के पास बुधवार को हुए हमले को लश्कर-ए-इस्लाम की रणनीति का ही हिस्सा माना जा रहा है। अभी इस संगठन का संरक्षक लश्कर-ए-ताइबा है लेकिन इसके तार आईएसआईएस से जुड़ रहे हैं। यही कारण है कि घाटी में पाकिस्तानी झंडे के साथ आईएसआईएस के झंडे लहराने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय को सुरक्षा एजेंसियों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल पाकिस्तान द्वारा लगभग हर महीने सीजफायर का उल्लंघन किया गया। इसका मकसद आतंकियों को कवर फायरिंग देकर घुसपैठ कराने की कोशिश करना है।
भारतीय सुरक्षा बलों ने पाकिस्तानी फायरिंग का करारा जवाब दिया है लेकिन लगभग 65 आतंकी घुसपैठ में कामयाब रहे हैं। सेना और सुरक्षा बलों के तलाशी अभियान में इन आतंकियों का ठिकाना खोजा जा रहा है। सुरक्षा बलों को दक्षिणी कश्मीर के कई हिस्सों में इनके मौजूद होने की सूचनाएं मिलती रहती हैं।