जम्मू में नए सिरे से निगरानी करेंगी अब सुरक्षा एजेंसियां
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कश्मीर संभाग में बढ़ते आतंकी हमलों के बीच जम्मू संभाग में बढ़ती आतंकी गतिविधियों ने सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। एजेंसियां इस बात पर भी मंथन कर रही हैं कि इतना मजबूत तंत्र होने के बावजूद गतिविधियों का पता क्यों नहीं चल पाया।
खास तौर पर बठिंडी में पकड़े गए लश्कर आतंकी और अब एक दिन पहले राजोरी में पकड़े आईएसआई एजेंट के मामलों ने एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।
शायद यही कारण है कि जम्मू पर भी एजेंसियों को नए सिरे से सोचना पड़ रहा है। सूत्रों का कहना है कि खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू संभाग में नए सिरे से अपने तंत्र को सक्रिय किया है।
जम्मू, कठुआ, सांबा, राजोरी, पुंछ और उधमपुर जिलों में एजेंसियों ने अपने खुफिया तंत्र को पहले से अधिक सक्रिय कर दिया है। इन क्षेत्रों में रहने वाले संदिग्ध लोगों से पूछताछ और नजर रखने को विशेष रणनीति पर काम शुरू किया गया है। खासकर उन इलाकों पर, जहां बाहर से आकर लोग रह रहे हैं।
सुरक्षा तंत्र पर खड़े हो गए सवाल
इन सभी जिलों के ऐसे इलाकों का चयन किया गया है, जहां पर बाहर से रहने वाले लोगों की संख्या सबसे अधिक है। दरअसल, बठिंडी से पकड़े आतंकी ने तो ऐसे खुलासे किए हैं, जिसने सुरक्षा तंत्र पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिछले दो साल से कश्मीर संभाग में आतंकी हमले बढ़े हैं। आईएस के झंडे लहराने की घटनाओं में भी इजाफा हुआ। इसे लेकर पहले से सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां चिंतित हैं और इससे निपटने को रणनीति बना रही थीं, लेकिन हाल की घटनाओं ने जम्मू पर भी एजेंसियों को फोकस करने पर मजबूर कर दिया है।
पाकिस्तान में आने-जाने वाले लोगों पर खास नजर रखी जा रही है। सबसे ज्यादा लोग राजोरी और पुंछ जिले से ही आते-जाते हैं। डीआईजी अशोक अत्री का कहना है कि अवैध रूप से आने-जाने वालों पर नजर रखने के लिए गांव के सरपंचों और पंचों को विशेष हिदायतें दी गई हैं। साथ ही वैध तरीके से जाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।