जम्मू-कश्मीर: दरबार मूव की तैयारियां पूरी, सोमवार से जम्मू सचिवालय में शुरू होगा सरकारी कामकाज
दरबार मूव के तहत श्रीनगर सचिवालय के कार्यालय शुक्रवार को बंद हो जाएंगे और सोमवार से जम्मू सचिवालय में सरकारी कामकाज शुरू होगा। इसके लिए सचिवालय और कर्मचारियों के आवास तैयार कर लिए गए हैं।
विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें
प्रदेश सरकार के आदेश पर दरबार मूव से पहले जम्मू सचिवालय और कर्मचारियों के आवास की मरम्मत कार्य को पूरा कर लिया गया है। जम्मू सचिवालय की सुरक्षा को पुख्ता किया गया है और दोनों तरफ के प्रवेशद्वार के अलावा ऊपरी भाग में अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है।
जम्मू सचिवालय में पहुंचने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक तरफ की कतार को फिर से प्रभावी बना दिया गया है। इसके अलावा जम्मू सचिवालय के ठीक बाहर से गुजर रहे वाहनों और आम लोगों के लिए भी मार्ग को प्रतिबंधित किया जा रहा है। शुक्रवार के बाद इस मार्ग पर आम वाहनों की एंट्री नहीं हो पाएगी। जबकि आग लोगों को गुजरने की इजाजत भी नहीं दी जाएगी।
जम्मू सचिवालय में नए मंत्रियों के कार्यालयों के लिए फर्नीचर की खरीद भी शुरू हो गई है। सचिवालय में अब तक मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री समेत छह मंत्रियों के ही कार्यालय थे। जबकि अब नौ मंत्रियों के कार्यालय तैयार किए जा रहे हैं। इनमें पूर्व मंत्री सतीश शर्मा के कार्यालय को भी दोबारा से दुरुस्त किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, मंत्री जावेद अहमद राणा, जावेद अहमद डार और सकीना इत्तू के कार्यालयों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने मिलने आने वाले लोगों के लिए तय समय में भी बदलाव नहीं किया है। आम लोगों के लिए मुलाकात का समय दोपहर एक बजे के बाद ही रहेगा।
आज श्रीनगर में बंद होंगे कार्यालय, सोमवार को जम्मू में खुलेंगे
सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त सचिव एम राजू ने बताया कि दरबार मूव के तहत सचिवालय समेत कैंप के सभी कार्यालय आज शुक्रवार को श्रीनगर में बंद हो जाएंगे। यह सभी कार्यालय अब सोमवार को जम्मू में खुलेंगे। दो दिन में सभी कर्मचारी और स्टाफ जम्मू पहुंच जाएगा। इसके लिए सभी प्रबंध कर लिए गए हैं और इस बारे में पहले से ही आदेश भी जारी किए जा चुके हैं।
कैंप कर्मचारियों के पहचानपत्र जमा
दरबार मूव के साथ जोड़े गए अतिरक्त स्टाफ से उनके पहचान पत्र जमा कर लिए गए हैं। यह कर्मचारी अब श्रीनगर में ड्यूटी नहीं दे पाएंगे। दरबार मूव के साथ सचिवालय के अलावा बाहर से करीब 50 विभागों के कर्मचारियों को कैंप के तौर पर श्रीनगर ले जाया गया था। विभागों को 10 कर्मचारी या फिर 33 फीसदी कर्मचारियों को अब जम्मू लाने की अनुमति दी गई है। खास बात यह है कि इन कर्मचारियों को यात्रा भत्ता के तौर पर 25000 रुपये प्रति कर्मचारी भुगतान किया जाएगा।
विधानसभा सचिवालय ने नहीं भेजी एडवांस पार्टी
विधानसभा सचिवालय के लिए इस बार एडवांस पार्टी नहीं भेजी गई है। जम्मू में पहले से मौजूद स्टाफ और निदेशक खुद सचिवालय और कर्मचारी आवास की जांच कर रहे हैं। कर्मचारी आवास की मरम्मत का जिम्मा भी जम्मू में तैनात स्टाफ के पास ही है। जबकि पहले दरबार मूव से करीब एक सप्ताह पहले एडवांस पार्टी जम्मू पहुंचती थी और यह पार्टी यहां किए जा रहे इंतजाम का आकलन करती थी और रिपोर्ट के आधार पर सुधार किए जाते थे।