पाकिस्तानी ड्रोन मार गिराए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी बढ़ी, दुश्मन पर जवानों की पैनी नजर
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हीरानगर क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन मार गिराए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। रविवार को सुरक्षाबलों ने हीरानगर और सांबा में दरिया, नालों और आसपास के गांवों में तलाशी अभियान चलाया। हालांकि इस दौरान सुरक्षाबलों को कोई सफलता नहीं मिली।
रक्षा सूत्रों के अनुसार सांबा सेक्टर की भारत-पाक सीमा पर घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई हमेशा ताक में रहती है। समय-समय पर वह बसंतर दरिया, बंई नाले क्षेत्र से घुसपैठ की कोशिशें होती रहती हैं।
सीमा से हाईवे निकट होने का भी आतंकियों को लाभ मिलता रहा है। यही कारण है कि पाकिस्तान सेना बसंतर दरिया का मार्ग घुसपैठ के लिए सकुशल मानती है। इसी संदर्भ में रविवार को सुरक्षा बलों व एसओजी ने बसंतर दरिया, चक मंगा गुज्जरां, मनोहर गोपाला, चक दियाला आदि में तलाशी अभियान चलाया। क्षेत्र को पूरी तरह से खंगाला गया।
जवान 24 घंटे दुश्मन पर रख रहे नजर
गौरतलब है कि गत वर्ष नगरोटा बन टोल प्लाजा के निकट हुई मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों के बसंतर दरिया से घुसपैठ करने की बात सामने आई थी, जिसको लेकर एनआईए की टीम ने पकडे़ गए ट्रक चालक को साथ लेकर बसंतर दरिया के आसपास के क्षेत्रों को खंगाला था।
एक बार फिर से सुरक्षाबलों ने शक के आधार पर बसंतर दरिया के आसपास के क्षेत्रों की तलाशी ली है। उधर बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि सीमा से घुसपैठ कर पाना आसान नहीं है। उनके जवान चौबीसो घंटे दुश्मन की हरकत पर नजर बनाए हुए हैं।
हीरानगर में साढ़े चार घंटे चला तलाशी अभियान
साढे चार घंटे तक चले इस अभियान के दौरान कई सीमावर्ती इलाकों और यंहा से गुजरने वाले नदी नालों को खंगाला। पुलिस, एसओजी सीआरपीएफ ने मिलकर सुबह साढ़े बजे से लेकर साढ़े बारह बजे तक तरनाह नाला व उसके आसपास के इलाके में छानबीन की। हालांकि पुलिस इसे रूटीन सर्च बता रही है।