कांट्रेक्चुअल लेक्चररों ने लगाया बेरुखी का आरोप
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उन्होंने मांग की कि सात साल से काम कर रहे कांट्रैक्चुअल लेक्चररों किया जाए। एसोसिएशन प्रधान कमल कि शोर वर्मा ने उच्च शिक्षा विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमें कालेज से निकालने की बार-बार धमकी दी जा रही है।
एक अगस्त से उनकी उपस्थिति नहीं लगाई जा रही है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग से सभी कांट्रैक्चुअल लेक्चररों की सेवा को नियमित करने की जोरदार मांग की।
उच्च शिक्षा विभाग कर रहा भेदभाव
उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर दिया है कि उन्हें अब नहीं रखना है, यह हम लोगों के खिलाफ बड़ी साजिश है। वर्मा ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी इस नोटिस को एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
वहीं, हाईकोर्ट ने उच्च शिक्षा विभाग को निर्देश भी दिए हैं कि जो कांट्रैक्चुअल लेक्चरर हैं, उन्हें अपने पदों पर बने रहने का अधिकार दिया जाए।
फिर भी उच्च शिक्षा विभाग इस निर्देश का पालन नहीं कर रहा है जिससे लेक्चररों का भविष्य खतरे में है। उल्लेखनीय है कि इस समय कालेजों में 300 के करीब कांट्रैक्चुअल लेक्चर हैं।