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खाली हुए स्कूल, पढ़ाई की जगह गोला बारूद की बातें
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 10 Oct 2014 02:08 PM IST
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पाकिस्तान की गोलाबारी की जद में आने वाले सीमांत इलाकों के स्कूल अस्थायी तौर पर बंद हो गए है। वहीं सुरक्षित स्थानों के स्कूल राहत शिविरों में तबदील होने लगे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अखनूर के परगवाल सेक्टर के अंतर्गत करीब 35 स्कूल गोलाबारी के चलते अस्थायी तौर पर बंद हो गए हैं।
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इसी तरह आरएस पुरा, अरनिया, सांबा के सीमांत इलाकों में भी 70 से ज्यादा स्कूल बंद हो गए हैं। सीमांत इलाकों से पलायन कर लोग सुरक्षित स्थानों के स्कूलों में बनाए गए राहत कैंप में आश्रय ले रहे हैं। बाढ़ के बाद अब पाकिस्तान की तरफ से की जा रही गोलाबारी के चलते स्कूलों के बंद होने से बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही है।
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इससे उनके परिवार को भविष्य की चिंता सताने लगी है। मुख्य शिक्षा अधिकारी तरसेम लाल का कहना है कि अभी तक उनकी सूचना के अनुसार परगवाल क्षेत्र में करीब 35 स्कूल अस्थायी तौर पर बंद हुए हैं। आरएस पुरा, अरनिया, कानाचक्क आदि इलाकों में भी गोलाबारी के जद में आने वाले बंद स्कूलों के बारे में ब्यौरा संबंधित अधिकारियों से मांगा गया है।
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स्कूली शिक्षा निदेशक एचआर पखरू का कहना है कि सीमांत इलाकों में पाकिस्तान की गोलाबारी के कारण कई स्कूल अस्थायी तौर पर बंद हुए हैं। स्थिति का जायजा लेने के लिए सीमांत इलाकों का दौरा करेंगे।