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Jammu News: 500 व्यावसायिक प्रशिक्षक अगस्त से बिना वेतन के, स्कूल शिक्षा विभाग से हस्तक्षेप की मांग

Wed, 27 Sep 2023 02:12 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू Updated Wed, 27 Sep 2023 02:12 AM IST
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school education department
अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षक अगस्त महीने से बिना वेतन के हैं। 18 प्लेसमेंट एजेंसियों में से पांच से सात एजेंसियों ने 500 व्यावसायिक प्रशिक्षकों का वेतन रोका है। इससे शिक्षक परेशान हैं और स्कूल शिक्षा विभाग से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
प्रदेश के हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों 1700 व्यावसायिक प्रशिक्षक 18 प्लेसमेंट एजेंसियों के तहत 14 विभिन्न ट्रेड में कार्यरत हैं। इन एजेंसियों में लेबरनेट प्राइवेट लिमिटेड, एजुस्पोर्ट्स, ऑलिव हेरिटेज फाउंडेशन, ड्रीमवीवर्स एडुट्रैक प्राइवेट लिमिटेड सहित अन्य शामिल हैं। इन एजेंसियों ने व्यावसायिक शिक्षकों का अगस्त महीने का वेतन नहीं दिया है, जबकि अब सितंबर महीना भी खत्म होने को है। ऐसे में शिक्षक बिना वेतन के काम करने को मजबूर हैं। जम्मू-कश्मीर यूटी वोकेशनल ट्रेनर वेल्फेयर एसोसिएशन ने समग्र शिक्षक परियोजना निदेशक को इस संबंध में हस्तक्षेप की मांग भी की है। एक शिक्षक ने कहा कि अगस्त महीने से वेतन नहीं है। एजेंसियां मनमर्जी करती हैं। व्यावसायिक शिक्षक बच्चों को कुशल बनने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। दूरदराज क्षेत्रों के स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। बावजूद इसके समय पर वेतन जारी नहीं होता है। अगले महीने में नवरात्र, दशहरा है ऐसे में बिना वेतन ये पर्व मनाना हमारे लिए काफी मुश्किल हो जाएंगे। वहीं, समग्र शिक्षा परियोजना निदेशक दीप राज ने कहा कि कुछ एजेंसियों ने अगर वेतन जारी नहीं किया तो इस बात जल्द वेतन जारी जाएंगे। ब्यूरो
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नौ महीने पहले साैंपी रिपोर्ट पर कोई फैसला नहीं
प्रदेश में वोकेशनल प्रशिक्षकों की नियुक्ति की समीक्षा के लिए सरकार ने एक कमेटी बनाई थी। कमेटी ने जनवरी में अपने रिपोर्ट प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को साैंपी थी। 9 महीने के बाद भी इस रिपोर्ट पर कोई पहल नहीं हुई है। इसमें हरियाणा मॉडल को लागू करने की बात कही थी। अभी तक इन प्रशिक्षकों को 22 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है। इससे बढ़ाकर 30 हजार रुपये, पांच फीसदी वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ भी शामिल था। मगर इस पर कोई विभागीय पहल नहीं हुई है।
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