कश्मीर: चुनाव पूर्व सरपंच को गोलियों से भूना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव से ठीक दो दिन पहले आतंकियों ने रविवार रात शोपियां में नेकां समर्थित सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी। मारे गए सरपंच की पहचान मोहम्मद सुल्तान भट के रूप में की गई है। वारदात को अंजाम देने के बाद आतंकी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार होने में सफल रहे।
जानकारी के अनुसार सरपंच मोहम्मद सुल्तान भट (38) नाजनीन पोरा इलाके में रहते थे। वारदात के समय वे अपने वाहन से घर की ओर जा रहे थे। पर घर से कुछ दूरी पर ही घात लगाए बैठे आतंकियों ने उनपर हमला कर उनकी हत्या कर दी।
हमले के तुरंत बाद भट को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, पर वहां उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। समाचार लिखे जाने तक किसी भी आतंकी संगठन द्वारा हमले की जिम्मेदारी नहीं ली गई थी।
उमर ने चुनाव आयोग से मांगी सुरक्षा
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही आतंकी संगठन हिजबुल ने पुलवामा जिले में पोस्टर चिपका कर लोगों को चुनावी प्रक्रिया से दूर रहने की धमकी दी थी। सरपंच की हत्या की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों द्वारा इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों की धरपकड़ को तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
My heartfelt condolences to his family & loved ones. He joins the many hundreds of NC cadre killed for their political beliefs 2/n
— Omar Abdullah (@abdullah_omar) November 30, 2014
नेकां समर्थित सरपंच की हत्या पर पीड़ित परिवार से संवेदना जताने के साथ ही उमर ने चुनाव आयोग से क्षेत्र की सुरक्षा की नये सिरे से समीक्षा करने की अपील करने की बात भी कही। उमर ने ट्विटर पर लिखा कि वह सुरक्षा घेरे को लेकर चिंतित हैं। आचार संहिता लगने के बाद सुरक्षा बलों की तैनाती में उनका कोई हस्तक्षेप नहीं है।
इसलिए अब सुरक्षा में किसी भी तरह की खामी के लिए निर्वाचन आयोग ही जिम्मेदार होगा। उमर ने आगे लिखा कि भट साहिब की मौत हमें शांतिपूर्ण तरीके से नया जम्मू-कश्मीर बनाने के हमारे मिशन पर कटिबद्ध रहने की प्रेरणा देगा।