महबूबा मुफ्ती का सरकार पर हमला: बोलीं- सरदार खालिस्तानी, हम पाकिस्तानी सिर्फ भाजपा ही हिंदुस्तानी
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू, अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं के पास जम्मू-कश्मीर के लिए दूरदृष्टि थी। लेकिन वर्तमान सरकार हिंदू और मुसलमानों के बीच विभाजन पैदा करती है। सरकार जम्मू-कश्मीर को तोड़ने का काम कर रही है।
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पीडीपी(पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) मुखिया इन दिनों जम्मू संभाग के दौरे पर हैं। वह लगातार भाजपा(भारतीय जनता पार्टी) पर हमला कर रही हैं। सरकार की नीतियों की आलोचना के साथ ही महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर को केंद्र सरकार प्रयोगशाला के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि यहां तरह-तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं। पंडित जवाहर लाल नेहरू, अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं के पास जम्मू-कश्मीर के लिए दूरदृष्टि थी। लेकिन वर्तमान सरकार हिंदू और मुसलमानों के बीच विभाजन पैदा करती है। सरकार जम्मू-कश्मीर को तोड़ने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि इनके लिए सरदार खालिस्तानी हैं, हम पाकिस्तानी हैं, सिर्फ भाजपा ही हिंदुस्तानी है। महबूबा मुफ्ती ने परिसीमन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया। कहा कि परिसीमन की कवायद बेतरतीब ढंग से की जा रही है। उधर, स्कूलों और सड़कों का नामकरण शहीदों के नाम पर होने को लेकर महबूबा ने कहा कि सिर्फ नाम बदले जा रहे हैं, लेकिन नाम बदलने से बच्चों को रोजगार नहीं मिलेगा। केंद्र सरकार तालिबान, अफगानिस्तान के बारे में बात करती है, लेकिन किसानों और बेरोजगारी की कोई सुध लेने वाला नहीं है।
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तालिबान, अफगानिस्तान, ड्रोन और पाकिस्तान भाजपा के सियासी हथियार
इससे पहले रविवार को महबूबा ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर संकट में है। लेकिन भाजपा कहती है कि हिंदू खतरे में हैं। जैसे-जैसे विभिन्न राज्यों में चुनाव नजदीक आएंगे, भाजपा तालिबान और अफगानिस्तान के नाम को भुनाना शुरू कर देगी। अगर यह हथकंडा काम नहीं करेगा, तो भाजपा पाकिस्तान और ड्रोन को सियासी हथियार बनाएगी। लेकिन चीन के बारे में बात नहीं करेगी, जिसने लद्दाख में घुसपैठ की है। उन्हें उस देश के बारे में बात करने से वोट नहीं मिलता है।
तिजोरी भरने के लिए बढ़ाई जा रही हैं कीमतें
किसानों का आंदोलन, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और देश के सामने आने वाले अन्य मुद्दों पर फोकस होना चाहिए था। लेकिन इन अहम मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं होती। भाजपा सरकार अपनी तिजोरी भरने के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा रही है। अफगानिस्तान में महिलाओं के खिलाफ तालिबान द्वारा अपनाए गई दमनकारी नीति पर बहस चल रही है लेकिन कोई भी भारत की महिलाओं के बारे में बात नहीं कर रहा है।