विदेशी कद्रदान रहे नदारद, फिर भी एक करोड़ के बिके नीलम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नीलम के कद्रदानों में हमेशा अपनी अलग पहचान रखने वाले जम्मू-कश्मीर के नीलम की नीलामी में इस बार भले ही विदेशी खरीदार नहीं पहुंचे, लेकिन फिर भी दो दिनों में एक करोड़ का कच्चा नीलम बिक गया। पिछली नीलामी में थाईलैंड और अमेरिका से भी नीलम के कद्रदान पहुंचे थे।
जाट आंदोलन के कारण बड़ी संख्या में नीलम व्यापारियों ने अपनी टिकटें रद्द करवाईं, लेकिन इसके बावजूद वर्ष 2013 में पिछली बार हुई नीलामी से दोगुना राशि नीलामी में आई।
2013 में कुल 23 लाट माल 44 लाख रुपये में बिका था, लेकिन इस बार 29 लाट माल 98.16 लाख में बिका। नीलामी में कुल 67 लाट माल नीलामी के लिए रखा गया। मोर की सुनहरी गर्दन वाले नीलम की सबसे ज्यादा खरीदारी जयपुर और बंगलूरू के व्यापारियों ने की।
इस बार नीलामी में सिर्फ 10 व्यापारी पहुंचे
जम्मू स्थित उद्योग भवन में दो दिन की नीलामी के बाद जेएंडके मिनरल्स के एमडी आबिद सुहेल उत्साहित नजर आए। उनका कहना था कि हर बार नीलामी में 60-70 व्यापारी देशभर से पहुंचते हैं, लेकिन इस बार नीलामी में सिर्फ 10 व्यापारी पहुंचे।
उनमें से छह अन्य राज्यों से थे, लेकिन इसके बावजूद पिछली नीलामी से दोगुना राशि आई, जो एक शुभ संकेत है। नीलामी खत्म होने के बावजूद कुछ व्यापारियों की मांग पर अधिकारियों ने ओपन बिड का मौका दिया। हालांकि उसमें किसी लाट की बिक्री नहीं हो पाई।
नीलामी में सबसे ज्यादा नीलम खरीदने वाले जयपुर के व्यापारी ने हालांकि अपना नाम नहीं बताया, लेकिन उनका कहना था कि नीलामी आशा के अनुरूप रही। देखना यह है कि फिनिशिंग के बाद नीलम किस रूप में निकलता है।
क्रिस्टी ने सबसे बड़े नीलम की नीलामी से किया इंकार
पिछली कई नीलामियों में रखा जाने वाला 64 ग्राम का सबसे बड़ा नीलम इस बार भी नहीं बिक पाया। इसकी आरंभिक बोली ढाई करोड़ से शुरू होती है।
जेएंडके मिनिरल्स के एमडी आबिद सुहेल कहते हैं कि इस नीलम को हमने जानी-मानी नीलामी कंपनी क्रिस्टी के मार्फत नीलाम करने के लिए बातचीत की थी, लेकिन उनका कहना है कि वह रॉ नीलम की नीलामी नहीं करते, जबकि जेके मिनिरल्स रॉ माल ही बेचता है।
अभी तक इसका कद्रदान नहीं मिला है। आबिद के अनुसार जल्द ही वह राष्ट्रीय स्तर पर इसकी नीलामी करवाने की कोशिश करेंगे। नीलम के एक व्यापारी का कहना था कि इतने बड़े नीलम को खरीदना जोखिम भरा है। खास बात यह है कि संचालकों की ओर से इसकी शुरुआती बोली ढाई करोड़ रखी गई, इसलिए कोई आगे नहीं आया।