{"_id":"64efacb0c639f6334708e9b1","slug":"sanskrit-day-jammu-news-c-10-jam1008-192685-2023-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: संस्कृत से युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए हर स्तर पर प्रयास की जरूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: संस्कृत से युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए हर स्तर पर प्रयास की जरूरत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्व संस्कृत दिवस आज
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर कभी देववाणी संस्कृत का गढ़ रहा था, लेकिन आज यह भाषा अस्तित्व की जंग लड़ रही है। आधुनिकता के दौर में संस्कृत भाषा युवा पीढ़ी से दूर होती जा रही है। संस्कृत के संरक्षण के लिए हर वर्ष 31 अगस्त को विश्व संस्कृत दिवस मनाया जाता है।
श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में युवा पीढ़ी को संस्कृत से जोड़ने के लिए स्कूल शिक्षा से लेकर प्रशासनिक स्तर पर पहल की जरूरत है। स्कूलों में कक्षा छठी से संस्कृत की पढ़ाई शुरू होनी चाहिए। जम्मू में संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना, राजस्थान सरकार की तर्ज पर संस्कृति मंत्रालय का गठन होना चाहिए। गुरुकुल कटड़ा बाणगंगा को आदर्श विद्यालय का दर्ज मिलना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक बच्चे संस्कृत पढ़ सकें।
-- --
सरकार संस्कृत के प्रचार-प्रसार में प्रयासरत
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के रणबीर कैंपस कोट भलवाल के निदेशक प्रो. मदन मोहन झा ने कहा कि संस्कृत को लेकर युवाओं में जागरूकता बढ़ रही है। कैंपस में भी नामांकन बढ़ रहे हैं। प्रदेश सरकार भी संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार में प्रयासरत है। सरकार कक्षा छह से आठवीं तक संस्कृत को स्कूलों में पढ़ाने की तैयारी कर रही है जिससे लाभ होगा। संस्कृत रोजगार की भी भाषा बनेगी, जिससे युवा इसके प्रति आकर्षित होंगे। अभिभावकों को बच्चों को इस समृद्ध भाषा के महत्व से अवगत करवाने की जरूरत है।
विज्ञापन
-- -
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर कभी देववाणी संस्कृत का गढ़ रहा था, लेकिन आज यह भाषा अस्तित्व की जंग लड़ रही है। आधुनिकता के दौर में संस्कृत भाषा युवा पीढ़ी से दूर होती जा रही है। संस्कृत के संरक्षण के लिए हर वर्ष 31 अगस्त को विश्व संस्कृत दिवस मनाया जाता है।
श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में युवा पीढ़ी को संस्कृत से जोड़ने के लिए स्कूल शिक्षा से लेकर प्रशासनिक स्तर पर पहल की जरूरत है। स्कूलों में कक्षा छठी से संस्कृत की पढ़ाई शुरू होनी चाहिए। जम्मू में संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना, राजस्थान सरकार की तर्ज पर संस्कृति मंत्रालय का गठन होना चाहिए। गुरुकुल कटड़ा बाणगंगा को आदर्श विद्यालय का दर्ज मिलना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक बच्चे संस्कृत पढ़ सकें।
विज्ञापन
सरकार संस्कृत के प्रचार-प्रसार में प्रयासरत
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के रणबीर कैंपस कोट भलवाल के निदेशक प्रो. मदन मोहन झा ने कहा कि संस्कृत को लेकर युवाओं में जागरूकता बढ़ रही है। कैंपस में भी नामांकन बढ़ रहे हैं। प्रदेश सरकार भी संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार में प्रयासरत है। सरकार कक्षा छह से आठवीं तक संस्कृत को स्कूलों में पढ़ाने की तैयारी कर रही है जिससे लाभ होगा। संस्कृत रोजगार की भी भाषा बनेगी, जिससे युवा इसके प्रति आकर्षित होंगे। अभिभावकों को बच्चों को इस समृद्ध भाषा के महत्व से अवगत करवाने की जरूरत है।
विज्ञापन