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Jammu News: जलशक्ति विभाग की मेहरबानी, सांंबा शहर में पांच-छह दिन बाद मिल रहा पानी
Tue, 05 Sep 2023 01:49 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Tue, 05 Sep 2023 01:49 AM IST
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रोजाना 14 लाख गैलन पानी की जरूरत, विभाग कर पा रहा केवल साढ़े सात लाख गैलन पानी की आपूर्ति
बसंतर दरिया पर बना फिल्ट्रेशन प्लांट छह साल से देख रहा मशीनरी की राह
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। कस्बेवासी कई सालों से पानी की किल्लत का सामना करने के लिए मजबूर हैं, लेकिन जल शक्ति विभाग आजतक समस्या दूर करने में नाकाम साबित हुआ है। रोजाना शहर में करीब 14 लाख गैलन पानी की जरूरत है, जबकि विभाग की ओर से केवल साढ़े सात लाख गैलन पानी की ही आपूर्ति हो पा रही है। इसका खामियाजा लोग भुगत रहे हैं। उनमें विभाग और सरकार के प्रति रोष व्याप्त है।
नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष नरेश अंबा, पार्षद सीमा अंबा और पार्षद इंदु जम्वाल ने अधिकारियों पर अपना समय निकालने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए अगर कोई योजना ही नहीं बनेगी तो समाधान होना असंभव है। बसंतर दरिया पर एक फिल्ट्रेशन प्लांट स्थापित किया जा रहा है। छह साल से इमारत बन कर तैयार है, लेकिन आजतक मशीनरी तक नहीं लगाई जा सकी है। सांबा कस्बे के लोगों को पांच से छह दिन बाद ही पानी नसीब हो रहा है। पार्षदों कई बार जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या से अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई उचित कदम नहीं उठाया जा सका है। इस कारण लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बसंतर दरिया पर एक फिल्ट्रेशन प्लांट लगाने के लिए फंड मिले तो लोगों की समस्या का समाधान हो जाएगा। छह साल से इमारत तैयार है, लेकिन मशीनरी नहीं लगने से इमारत खस्ताहाल होने लगी है। उन्हों ने कहा कि सांबा के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वह हर साल तीन हजार रुपये पानी का बिल देते आ रहे हैं, जबकि पानी पांच व छह दिन बाद ही नसीब हो रहा है। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन को कई बार अवगत करवाया है, लेकिन आजतक कोई उचित कदम ही नहीं उठाया जा रहा है।
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कैमिकल कारखानों के चलते एक फिल्ट्रेशन प्लांट किया
बंद, दूसरा छह साल से देख रहा चालू होने की राह
पहले बसंतर दरिया पर एक फिल्ट्रेशन प्लांट था, जिसे कस्बे में पानी की सुचारू आपूर्ति होती थी। सिडको में कैमिकल कारखाने लगने के बाद वहां का दूषित पानी बसंतर दरिया में मिलने लगा था। लोगों की मांग के बाद फिल्ट्रेशन प्लांट को बंद कर दिया गया। वहीं, कस्बे की उत्तर दिशा में और एक फिल्ट्रेशन प्लांट लगाया जा रहा है। लेकिन छह साल से निर्मित इमारत को मशीनरी का इंतजार है।
कस्बे के लोगों को तीन दिन बाद पानी की आपूर्ति दी जा रही है। बरसात के बाद फिल्ट्रेशन प्लांट के लिए इन टेक हौज बनाया जाना है। उसके बाद मशीनरी लगाई जाएगी। आगामी मार्च माह तक फिल्ट्रेशन प्लांट को मुकम्मल कर लिया जाएगा, जिसके बाद रोजाना पानी की आपूर्ति हो सकेगी।
- ब्रिज मोहन, कार्यकारी अभिंयता, जलशक्ति विभाग, सांबा
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बसंतर दरिया पर बना फिल्ट्रेशन प्लांट छह साल से देख रहा मशीनरी की राह
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। कस्बेवासी कई सालों से पानी की किल्लत का सामना करने के लिए मजबूर हैं, लेकिन जल शक्ति विभाग आजतक समस्या दूर करने में नाकाम साबित हुआ है। रोजाना शहर में करीब 14 लाख गैलन पानी की जरूरत है, जबकि विभाग की ओर से केवल साढ़े सात लाख गैलन पानी की ही आपूर्ति हो पा रही है। इसका खामियाजा लोग भुगत रहे हैं। उनमें विभाग और सरकार के प्रति रोष व्याप्त है।
नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष नरेश अंबा, पार्षद सीमा अंबा और पार्षद इंदु जम्वाल ने अधिकारियों पर अपना समय निकालने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए अगर कोई योजना ही नहीं बनेगी तो समाधान होना असंभव है। बसंतर दरिया पर एक फिल्ट्रेशन प्लांट स्थापित किया जा रहा है। छह साल से इमारत बन कर तैयार है, लेकिन आजतक मशीनरी तक नहीं लगाई जा सकी है। सांबा कस्बे के लोगों को पांच से छह दिन बाद ही पानी नसीब हो रहा है। पार्षदों कई बार जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या से अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई उचित कदम नहीं उठाया जा सका है। इस कारण लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बसंतर दरिया पर एक फिल्ट्रेशन प्लांट लगाने के लिए फंड मिले तो लोगों की समस्या का समाधान हो जाएगा। छह साल से इमारत तैयार है, लेकिन मशीनरी नहीं लगने से इमारत खस्ताहाल होने लगी है। उन्हों ने कहा कि सांबा के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि वह हर साल तीन हजार रुपये पानी का बिल देते आ रहे हैं, जबकि पानी पांच व छह दिन बाद ही नसीब हो रहा है। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन को कई बार अवगत करवाया है, लेकिन आजतक कोई उचित कदम ही नहीं उठाया जा रहा है।
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कैमिकल कारखानों के चलते एक फिल्ट्रेशन प्लांट किया
बंद, दूसरा छह साल से देख रहा चालू होने की राह
पहले बसंतर दरिया पर एक फिल्ट्रेशन प्लांट था, जिसे कस्बे में पानी की सुचारू आपूर्ति होती थी। सिडको में कैमिकल कारखाने लगने के बाद वहां का दूषित पानी बसंतर दरिया में मिलने लगा था। लोगों की मांग के बाद फिल्ट्रेशन प्लांट को बंद कर दिया गया। वहीं, कस्बे की उत्तर दिशा में और एक फिल्ट्रेशन प्लांट लगाया जा रहा है। लेकिन छह साल से निर्मित इमारत को मशीनरी का इंतजार है।
कस्बे के लोगों को तीन दिन बाद पानी की आपूर्ति दी जा रही है। बरसात के बाद फिल्ट्रेशन प्लांट के लिए इन टेक हौज बनाया जाना है। उसके बाद मशीनरी लगाई जाएगी। आगामी मार्च माह तक फिल्ट्रेशन प्लांट को मुकम्मल कर लिया जाएगा, जिसके बाद रोजाना पानी की आपूर्ति हो सकेगी।
- ब्रिज मोहन, कार्यकारी अभिंयता, जलशक्ति विभाग, सांबा