{"_id":"6966b0a01582f324150d0ee4","slug":"rudra-helicopter-pilot-jammu-news-c-10-jmu1052-810843-2026-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: जम्मू की बेटी ने रचा इतिहास, पहली महिला रुद्र हेलिकॉप्टर पायलट बनीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: जम्मू की बेटी ने रचा इतिहास, पहली महिला रुद्र हेलिकॉप्टर पायलट बनीं
विज्ञापन
रुद्र हेलिकॉप्टर पायलट हंसजा शर्मा स्रोत सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-शहर की रिहाड़ी कॉलोनी की हैं हंसजा, सिल्वर चीता ट्रॉफी जीतने वाली पहली महिला अधिकारी भी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू से निकलकर आसमान तक उड़ान भरने वाली रिहाड़ी कॉलोनी की कैप्टन हंसजा शर्मा ने इतिहास रच दिया है। वह भारतीय सेना में रुद्र हेलिकॉप्टर की पहली महिला पायलट बनी हैं। उनकी उपलब्धि न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित करती है। वह वर्तमान में जोधपुर में तैनात है और इन दिनों राजस्थान के राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनेंगी।
2024 में हंसजा शर्मा सिल्वर चीता ट्रॉफी जीतने वाली पहली महिला अधिकारी बनी थीं। साथ ही वह जम्मू-कश्मीर की भी पहली महिला सैन्य अधिकारी बनी थी। उन्होंने इस स्तर पर सेना के एविएशन विंग में पायलट के रूप में जगह बनाई। कड़ी मेहनत और लगन से सेना में उनका चयन लेफ्टिनेंट के रूप में हुआ था, जिसके बाद आगे बढ़ने का मंच मिला। इसके बाद पायलट एप्टीट्यूड बैटरी टेस्ट पास कर मुकाम हासिल किया। हंसजा एनसीसी कैडेट रह चुकी हैं। उनकी इस सफलता के पीछे परिवार का अहम योगदान रहा है। हंसजा बताती हैं कि उन्हें सबसे ज्यादा प्रेरणा मां से मिली, जिन्होंने हर कदम पर हौसला बढ़ाया। साथ ही सेना में सीनियर्स ने भी मार्गदर्शन और सहयोग दिया।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू से निकलकर आसमान तक उड़ान भरने वाली रिहाड़ी कॉलोनी की कैप्टन हंसजा शर्मा ने इतिहास रच दिया है। वह भारतीय सेना में रुद्र हेलिकॉप्टर की पहली महिला पायलट बनी हैं। उनकी उपलब्धि न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित करती है। वह वर्तमान में जोधपुर में तैनात है और इन दिनों राजस्थान के राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनेंगी।
2024 में हंसजा शर्मा सिल्वर चीता ट्रॉफी जीतने वाली पहली महिला अधिकारी बनी थीं। साथ ही वह जम्मू-कश्मीर की भी पहली महिला सैन्य अधिकारी बनी थी। उन्होंने इस स्तर पर सेना के एविएशन विंग में पायलट के रूप में जगह बनाई। कड़ी मेहनत और लगन से सेना में उनका चयन लेफ्टिनेंट के रूप में हुआ था, जिसके बाद आगे बढ़ने का मंच मिला। इसके बाद पायलट एप्टीट्यूड बैटरी टेस्ट पास कर मुकाम हासिल किया। हंसजा एनसीसी कैडेट रह चुकी हैं। उनकी इस सफलता के पीछे परिवार का अहम योगदान रहा है। हंसजा बताती हैं कि उन्हें सबसे ज्यादा प्रेरणा मां से मिली, जिन्होंने हर कदम पर हौसला बढ़ाया। साथ ही सेना में सीनियर्स ने भी मार्गदर्शन और सहयोग दिया।
विज्ञापन