विधानसभा में अफजल गुरु मुद्दे पर होगा हंगामा
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संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु के शव अवशेष वापस लाने का मुद्दा फिर विधानसभा में गूंजने वाला है। अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) के अध्यक्ष विधायक इंजीनियर रशीद ने इस बाबत विधानसभा में दो प्रस्ताव लाने की तैयारी पूरी कर ली है।
रशीद की इस कोशिश से पीडीपी और कांग्रेस की भी मुश्किलें भी बढ़ सकती है। कांग्रेस ने राज्यसभा और पीडीपी ने विधान परिषद चुनाव में रशीद का वोट लेने के लिए अफजल गुरु पर उनके स्टैंड का लिखित समर्थन किया था।
गठबंधन सरकार में बड़े भाई की भूमिका निभा रही पीडीपी के लिए इस प्रस्ताव पर उत्तर देना मुश्किल हो सकता है। भाजपा रशीद के प्रस्ताव का खुलकर विरोध करेगी। इसलिए बजट सत्र में इस मुद्दे पर हंगामा तय है।
ये है राशिद के दो अहम मुद्दे
विधायक रशीद ने कहा है कि वह अफजल के अवशेष लाने और सारे सियासी कैदियों को रिहा करने संबंधी दो प्रस्ताव विधानसभा में रखेंगे। इंजीनियर रशीद ने दावा किया कि पीडीपी और कांग्रेस ने लिखित तौर पर समर्थन करने का वादा किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि कश्मीरियों के साथ ही भेदभाव क्यों किया जाता है।
रशीद ने श्रीनगर में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि अगर पंजाब में भिंडरावाले का मेमोरियल बन सकता है, जहां भाजपा-अकाली सरकार है। अगर नागालैंड के माओवादी, जो देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है, उनका दफ्तर दिल्ली में हो सकता है तो फिर अफजल के अवशेष वापस लाने में क्या गलत है।
सभी कानून सिर्फ कश्मीरियों पर ही क्यों लागू किए जाते हैं ? क्यों सिर्फ कश्मीरियों के साथ भेदभाव किया जाता है। मसर्रत आलम की रिहाई पर इंजीनियर रशीद ने कहा कि सभी सियासी कैदियों को रिहा किया जाना चाहिए। भारत सरकार को कश्मीर मुद्दे को सुलझाने को लेकर गौर करना चाहिए। अगर एक मसर्रत को बंद करेंगे तो 100 मसरत पैदा होंगे।