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J&K: हिंसा में मारे गए लोगों को मुआवजा देने के फैसले के बाद विधानसभा में भारी हंगामा

Tue, 17 Jan 2017 12:25 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Tue, 17 Jan 2017 12:25 PM IST
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RUCKS IN JAMMU KASHMIR ASSEMBLY ON ISSUE OF COMPANSATION
जम्मू कश्मीर विधानसभा में हंगामा - फोटो : अमर उजाला

कश्मीर हिंसा के दौरान मारे गए लोगों के परिवार वालों को मुआवजा देने से भाजपा के इनकार पर विधानसभा में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा। मारे गए लोगों के परिवार वालों को सरकार मुआवजा देगी या नहीं, यह विपक्ष जानना चाहता था।

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सरकार की ओर से यह बताया गया कि सदन में मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणा ही अंतिम है। इसके बाद विपक्ष ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डिप्टी सीएम से इस्तीफे की मांग की विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नेकां के अली मोहम्मद सागर ने कहा कि सदन में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर हिंसा में मारे गए लोगों के परिवार वालों को पांच लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की, लेकिन सरकार में सहयोगी भाजपा ने इसका विरोध किया है। रविवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक में इस आशय का प्रस्ताव पास किया गया है। इस नाते सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। 
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नारेबाजी करते हुए विपक्षी सदस्य वेल में पहुंच गए। वे हमारे सवालों का जवाब दो, दोहरी नीति नहीं चलेगी आदि नारे लगा रहे थे। विपक्षी सदस्यों का कहना था कि नागपुर के इशारे पर ऐसा फैसला किया गया है। सरकार सदन में कुछ बोलती है और बाहर कुछ। 
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RUCKS IN JAMMU KASHMIR ASSEMBLY ON ISSUE OF COMPANSATION
जम्मू कश्मीर विधानसभा में हंगामा - फोटो : AMAR UJALA

नेकां के देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि डिप्टी सीएम जब मुख्यमंत्री सदन में मुआवजा संबंधी घोषणा कर रहीं थीं, तब भी उपस्थित थे और कार्यकारिणी की बैठक में भी। सदन में डिप्टी सीएम ने इस पर आपत्ति नहीं दर्ज कराई।

विपक्ष की ओर से मोहम्मद अकबर लोन, विकार रसूल, एमवाई तारिगामी, रिगजिन जोरा, जीएम सरूरी, इंजीनियर रशीद, शमीमा फिरदौस, अब्दुल मजीद लारमी, अल्ताफ कल्लू, कमल अरोड़ा आदि ने भाजपा पर निशान साधते हुए कहा कि दोहरी नीति नहीं चलेगी। हंगामा बढ़ते देख संसदीय कार्य मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने कहा कि सदन में मुख्यमंत्री ने जो घोषणा की है, वह आखिरी है। 

इसके बाद विपक्ष ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। डिप्टी सीएम से इस्तीफे की मांग की। नेकां के देवेंद्र राणा का कहना था कि यदि आपमें समन्वय नहीं है तो इस्तीफा दें।

डोगरों के सम्मान के साथ किसी को खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। भाजपा ने पिछले 60 साल से लोगों के साथ धोखा किया है। इस पर भाजपा के सत शर्मा, रवींद्र रैना, गगन भगत आदि ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। 

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