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जम्मू में प्रशिक्षण शिविर: व्यवस्था परिवर्तन हेतु तंत्र निर्माण के साथ आवश्यक कार्य करेगा संघ- मुकुल कानिटकर
Tue, 25 Jun 2024 06:30 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2024 06:30 AM IST
सार
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने छह गतिविधियां प्रारंभ की हैं। संघ के सेवा विभाग और सेवा भारती के माध्यम से चलने वाले सेवा कामों की संख्या डेढ़ लाख से अधिक है। जो विश्व में सबसे ज्यादा है।
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जम्मू में संघ के प्रशिक्षण शिविर के दौरान
- फोटो : निखिल मेहता
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विस्तार
पहले हमले के दौरान भी श्रीनगर हवाई अड्डे पर जमी बर्फ को हटाने के लिए और वायु सेना की सहायता के लिए स्वयंसेवियों ने साहस दिखाया था। संगठन से उत्पन्न शक्ति का उपयोग समाज की समस्याओं का समाधान करने के लिए होना चाहिए। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) जम्मू कश्मीर प्रांत का कार्यकर्ता प्रशिक्षण के समापन मौके पर हेरिटेज स्कूल परिसर सैनिक कालोनी में अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य मुकुल कानिटकर ने कही।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने छह गतिविधियां प्रारंभ की हैं। संघ के सेवा विभाग और सेवा भारती के माध्यम से चलने वाले सेवा कामों की संख्या डेढ़ लाख से अधिक है। जो विश्व में सबसे ज्यादा है।
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अगला चरण व्यवस्था परिवर्तन का है। केवल शासकीय व्यवस्था नहीं अपितु समाज की व्यस्थाएं भी सुव्यवस्थित करनी है। व्यवस्था परिवर्तन हेतु तंत्र निर्माण के साथ ही आवश्यक कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संघ के 19 जिलों से आए कुल 146 शिक्षार्थियों ने 15 दिन अपने घर से दूर रहकर संगठन व समाज हेतु कार्य करने का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
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कानिटकर ने स्वयंसेवकों को कहा कि संघ की शताब्दी का समय निकट आ रहा है। संघ इस अवसर पर कई बड़े कार्यक्रम का आयोजन करेगा। अधिक समय देने का संकल्प से ही आरएसएस बड़ा संगठना बना है। उन्होंने कहा कि शताब्दी विस्तारक के रूप में स्वयंसेवक एक से दो वर्ष का पूर्ण समय भी दे रहे हैं। युवा तो है ही, सेवानिवृत्त के बाद सेवा में लोग भी ज्यादा संख्या में शामिल है।
इस हेतु सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत विजयादशमी उत्सव के पंच परिवर्तनों पर जानकारी दे चुके हैं। शोषण मुक्त, समता युक्त समाज के आदर्श हेतु सामाजिक समरसता, परिवार के सांस्कृतिक मूल्यों के संवधर्न हेतु कुटुब प्रबोधन, पर्यावरण की चेतना का जागरण और नागरिक कर्तव्यों का पालन इन पांचों का आचरण में लाने के लिए स्वयंसेवक व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयास करें।
इस मौके पर इसी माह हुई आतंकी घटनाओं का जिक्र करते हुए इन्हें कायरतापूर्ण कहा गया। सेवानिवृत्त कृषि निदेशक कमल किशोर शर्मा ने भी अपने विचार रखे।