चुनाव से पहले नेकां में दरार, उमर की सीट पर हंगामा
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के विधानसभा क्षेत्र गांदरबल में भी चुनाव लड़ने के लिए नेकां के बीच खींचतान शुरू हो गई है। मंगलवार को नेकां के सम्मेलन में प्रत्याशी बनाए जाने की मांग पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेकां नेता इश्फाक जब्बार समर्थकों के बीच जमकर नारेबाजी हुई।
अपने-अपने नेताओं को प्रत्याशी बनाए जाने की मांग पर मुख्यमंत्री और जब्बार समर्थक आमने-सामने आ गए। नतीजतन सम्मेलन बगैर किसी प्रस्ताव पारित होने के खत्म हो गया। इससे पूर्व नेकां महासचिव और ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री अली मोहम्मद सागर सम्मेलन को संबोधित कर चुके थे।
उमर की उम्मीदवारी पर भड़के जब्बार समर्थक
सम्मेलन के दौरान जब विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाए जाने पर चर्चा शुरू हुई तो अधिकतर कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को दोबारा इसी क्षेत्र से प्रत्याशी बनाए जाने की मांग की। इस पर नेकां नेता इश्फाक जब्बार के समर्थक भड़क गए। उनका कहना था कि जब्बार को प्रत्याशी बनाया जाना चाहिए।
दोनों तरफ से नारेबाजी और समर्थकों के आमने-सामने आने पर माहौल खराब होता देख अली मोहम्मद सागर, वन मंत्री मियां अल्ताफ और नेकां की कश्मीर इकाई के संभागीय अध्यक्ष सम्मेलन के समापन का ऐलान कर मौके से निकल गए। ग्रामीण विकास मंत्री अली मोहम्मद सागर ने इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
जब्बार की सीट रही है गांदरबल
गौरतलब है कि वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव इश्फाक जब्बार ने गांदरबल से कांग्रेस की टिकट पर लड़ा था। बाद में जब्बार नेकां में शामिल हो गए थे।
इस चुनाव में पीडीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री काजी अफजल मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से हारे थे। 2002 के विधानसभा चुनाव में इसी क्षेत्र से बतौर पीडीपी प्रत्याशी काजी अफजल ने उमर अब्दुल्ला को हराया था।