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जम्मू: एक दर्जन गांवों को जोड़ने वाला मार्ग खस्ताहाल, लोग बेहाल
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प्रशासन से आज भी कर रहे मार्ग की मरम्मत करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के पहाड़ी ब्लॉक सुंब के धार्मिक स्थल समोठा के निकटवर्ती एक दर्जन गांवों के लोगों के लिए आवाजाही की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2008 में पूर्व सांसद मदन लाल शर्मा ने बाबा गौरण से वाया ढंगा मंदिर समोठा तक मार्ग बनाने की योजना बनाई थी। काम भी शुरू हुआ। लेकिन, उस समय मार्ग पर न तो कोई पुलिया बनाई गई, न ही सुरक्षा दीवार। इसलिए, इस पर जब भी बारिश होती तो मार्ग टूट जाता है। फिर लोगों की आने जाने की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों के अनुसार दो बार यश पाल कुंडल विधायक रहे। उनके समय में भी मार्ग को पक्का नहीं किया गया।
बाबा शिव विकास कमेटी के प्रधान देस राज समेत ग्रामीण रमेश सिंह, कर्म चंद, सत पाल, आदि ने कहा कि धार्मिक स्थल बाबा गौरण से बाबा ढंगा मंदिर और वहां से धार्मिक स्थल समोठा के 11 किलोमीटर मार्ग को प्रशासन सुचारू नहीं बना सका है। तीन धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले मार्ग पर किसी का ध्यान नही हैं। समोठा गांव के आसपास एक दर्जन से भी अधिक गावों के लोगों ने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई है कि मार्ग पर सुरक्षा दीवार बनाई जाए, ताकि बारिश होने के बाद मार्ग टूटने से बचा रहे। लेकिन, कोई सुनवाई नहीं होती।
कहा कि समोठा में हाई स्कूल है। उच्च शिक्षा के लिए जब बेटियों को कस्बों की ओर भेजना पड़ता है तो अभिभावक चिंतित रहते हैं। क्योंकि, आने जाने का साधन न होने से मार्ग से पैदल ही पहुंचा जा सकता है। ऐसे में कई बच्चियां बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती हैं। गौरण से ढंगा मंदिर और वहां से समोठा के लिए मार्ग को पक्का करने की मांग कई बार उठाई है। फिर भी कोई उचित कदम नहीं उठाया गया।-- -- गौरण से समोठा मार्ग कच्चा है। बारिश के दौरान मार्ग टूट जाता है। पस्सियां गिर जाती हैं। उसके रखरखाव के लिए तीन लाख का फंड उपलब्ध है। यदि मार्ग पर सुरक्षा दीवार बनाई जाए तो मार्ग बच सकता है। इसके भी प्रयास कर रहे हैं।
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- बलवान सिंह, डीडीसी उपाध्यक्ष, सांबा
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सांबा। जिले के पहाड़ी ब्लॉक सुंब के धार्मिक स्थल समोठा के निकटवर्ती एक दर्जन गांवों के लोगों के लिए आवाजाही की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2008 में पूर्व सांसद मदन लाल शर्मा ने बाबा गौरण से वाया ढंगा मंदिर समोठा तक मार्ग बनाने की योजना बनाई थी। काम भी शुरू हुआ। लेकिन, उस समय मार्ग पर न तो कोई पुलिया बनाई गई, न ही सुरक्षा दीवार। इसलिए, इस पर जब भी बारिश होती तो मार्ग टूट जाता है। फिर लोगों की आने जाने की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों के अनुसार दो बार यश पाल कुंडल विधायक रहे। उनके समय में भी मार्ग को पक्का नहीं किया गया।
बाबा शिव विकास कमेटी के प्रधान देस राज समेत ग्रामीण रमेश सिंह, कर्म चंद, सत पाल, आदि ने कहा कि धार्मिक स्थल बाबा गौरण से बाबा ढंगा मंदिर और वहां से धार्मिक स्थल समोठा के 11 किलोमीटर मार्ग को प्रशासन सुचारू नहीं बना सका है। तीन धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले मार्ग पर किसी का ध्यान नही हैं। समोठा गांव के आसपास एक दर्जन से भी अधिक गावों के लोगों ने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई है कि मार्ग पर सुरक्षा दीवार बनाई जाए, ताकि बारिश होने के बाद मार्ग टूटने से बचा रहे। लेकिन, कोई सुनवाई नहीं होती।
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कहा कि समोठा में हाई स्कूल है। उच्च शिक्षा के लिए जब बेटियों को कस्बों की ओर भेजना पड़ता है तो अभिभावक चिंतित रहते हैं। क्योंकि, आने जाने का साधन न होने से मार्ग से पैदल ही पहुंचा जा सकता है। ऐसे में कई बच्चियां बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती हैं। गौरण से ढंगा मंदिर और वहां से समोठा के लिए मार्ग को पक्का करने की मांग कई बार उठाई है। फिर भी कोई उचित कदम नहीं उठाया गया।
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- बलवान सिंह, डीडीसी उपाध्यक्ष, सांबा