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Jammu News: माता खीर भवानी के दर्शन करने निकला कश्मीरी पंडितों का हुजूम
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नगरोटा से श्रद्धालुओं से भरी बस को माता खीर भवानी यात्रा के लिए रवाना करते विधायक देवयानी राणा
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- विधायक देवयानी राणा ने नगरोटा से दिखाई झंडी, 214 बसों से गए 9,000 श्रद्धालु
-दिल्ली से भी एक बस से पहुंचे कश्मीरी पंडित
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
जम्मू/बनतालाब। माता खीर भवानी यात्रा-2026 की औपचारिक शुरुआत शनिवार को हुई। कश्मीरी पंडितों ने माता रागन्या देवी के मंदिर और कश्मीर के अन्य पारंपरिक तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए यात्रा शुरू की। सुबह सात बजे नगरोटा से विधायक देवयानी राणा ने 214 बसों में सवार 9,000 श्रद्धालुओं को गांदरबल स्थित माता के मंदिर के लिए रवाना किया। दिल्ली से भी 74 यात्रियों को लेकर एक बस रवाना हो चुकी है।
डीआईजी श्रीधर पाटिल, राहत एवं पुनर्वास आयुक्त डॉ. अरविंद करवानी, जम्मू के अतिरिक्त आयुक्त शाम लाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। तीर्थयात्रियों को रवाना करने से पूर्व नगरोटा टोल गेट के पास उनके लिए खानपान की व्यवस्था की गई थी। पहला पड़ाव रामबन में हुआ जहां भोजन करने के बाद गांदरबल स्थित माता खीर भवानी मंदिर की ओर बढ़े।
डॉ. करवानी ने बताया कि इस साल यात्रा में तीर्थयात्रियों के पंजीकरण में काफी बढ़ोतरी हुई है। पिछलेे साल करीब 3000 तक रहने वाली संख्या इस बार 9,000 तक पहुंच गई। शांतिपूर्ण माहौल, बेहतर सुरक्षा और व्यापक इंतजामों के कारण यह बढ़ोतरी हुई है।
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उन्होंने बताया कि सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा के लिए राहत और पुनर्वास संगठन के नोडल अधिकारियों को काफी पहले ही तुलमुल्ला, टिक्कर, देवसर-मंजगाम, लोगरीपोरा और अन्य तीर्थ स्थलों पर तैनात किया जा चुका है। बस यात्रा, खानपान और रहने की व्यवस्था पूरी तरह नि:शुल्क है। इसके लिए किसी से भी कोई पैसा नहीं लिया गया है। डीआईजी पाटिल ने कहा कि सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध यात्रा की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। सोमवार को मंदिर में दर्शन करने के बाद तीर्थयात्री जम्मू लौटेंगे। श्रद्धालु रविंदर साधु ने बताया कि माता खीर भवानी का मेला सिर्फ एक धार्मिक अवसर नहीं है यह हमारी जड़ों से एक भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव है।
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घाटी में अन्य मंदिरों पर भी जाएंगे श्रद्धालु
22 जून तक चलने वाली माता खीर भवानी यात्रा के दौरान कश्मीरी पंडित गांदरबल के तुलमुल्ला स्थित माता खीर भवानी का दर्शन करने और मेले में शामिल होने के बाद कुपवाड़ा में टिक्कर, कुलगाम में देवसर और मंजगाम तथा अनंतनाग में लोगरीपोरा स्थित पारंपरिक तीर्थ स्थलों पर भी जाएंगे। मुख्य आयोजन तुलमुल्ला स्थित माता रागन्या देवी के मंदिर में हो रहा है। यह यात्रा 22 जून को ज्येष्ठ अष्टमी के दिन मेले के साथ संपन्न होगी।
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-दिल्ली से भी एक बस से पहुंचे कश्मीरी पंडित
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
जम्मू/बनतालाब। माता खीर भवानी यात्रा-2026 की औपचारिक शुरुआत शनिवार को हुई। कश्मीरी पंडितों ने माता रागन्या देवी के मंदिर और कश्मीर के अन्य पारंपरिक तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए यात्रा शुरू की। सुबह सात बजे नगरोटा से विधायक देवयानी राणा ने 214 बसों में सवार 9,000 श्रद्धालुओं को गांदरबल स्थित माता के मंदिर के लिए रवाना किया। दिल्ली से भी 74 यात्रियों को लेकर एक बस रवाना हो चुकी है।
डीआईजी श्रीधर पाटिल, राहत एवं पुनर्वास आयुक्त डॉ. अरविंद करवानी, जम्मू के अतिरिक्त आयुक्त शाम लाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। तीर्थयात्रियों को रवाना करने से पूर्व नगरोटा टोल गेट के पास उनके लिए खानपान की व्यवस्था की गई थी। पहला पड़ाव रामबन में हुआ जहां भोजन करने के बाद गांदरबल स्थित माता खीर भवानी मंदिर की ओर बढ़े।
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डॉ. करवानी ने बताया कि इस साल यात्रा में तीर्थयात्रियों के पंजीकरण में काफी बढ़ोतरी हुई है। पिछलेे साल करीब 3000 तक रहने वाली संख्या इस बार 9,000 तक पहुंच गई। शांतिपूर्ण माहौल, बेहतर सुरक्षा और व्यापक इंतजामों के कारण यह बढ़ोतरी हुई है।
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उन्होंने बताया कि सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा के लिए राहत और पुनर्वास संगठन के नोडल अधिकारियों को काफी पहले ही तुलमुल्ला, टिक्कर, देवसर-मंजगाम, लोगरीपोरा और अन्य तीर्थ स्थलों पर तैनात किया जा चुका है। बस यात्रा, खानपान और रहने की व्यवस्था पूरी तरह नि:शुल्क है। इसके लिए किसी से भी कोई पैसा नहीं लिया गया है। डीआईजी पाटिल ने कहा कि सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध यात्रा की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। सोमवार को मंदिर में दर्शन करने के बाद तीर्थयात्री जम्मू लौटेंगे। श्रद्धालु रविंदर साधु ने बताया कि माता खीर भवानी का मेला सिर्फ एक धार्मिक अवसर नहीं है यह हमारी जड़ों से एक भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव है।
घाटी में अन्य मंदिरों पर भी जाएंगे श्रद्धालु
22 जून तक चलने वाली माता खीर भवानी यात्रा के दौरान कश्मीरी पंडित गांदरबल के तुलमुल्ला स्थित माता खीर भवानी का दर्शन करने और मेले में शामिल होने के बाद कुपवाड़ा में टिक्कर, कुलगाम में देवसर और मंजगाम तथा अनंतनाग में लोगरीपोरा स्थित पारंपरिक तीर्थ स्थलों पर भी जाएंगे। मुख्य आयोजन तुलमुल्ला स्थित माता रागन्या देवी के मंदिर में हो रहा है। यह यात्रा 22 जून को ज्येष्ठ अष्टमी के दिन मेले के साथ संपन्न होगी।