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Jammu News: ईश्वर की बंदगी से मिलता है अलौकिक आनंद
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जम्मू। संत आश्रम रांजड़ी सांबा में सत्संग का आयोजन किया गया। इस मौके पर साहिब बंदगी पंथ के अध्यात्मिक प्रमुख मधु परम हंस महाराज ने कहा कि मनुष्य पूरी कोशिश करता है कि वह मन के अधीन न रहे, लेकिन सफल नहीं हो पाता है। मनुष्य का मन हर समय उसे भटकाता रहता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर की बंदगी करनी चाहिए। इससे मन को अलौकिक आनंद मिलता है। मन शांत रहता है और अध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति होती है।
हमारी चौदह इंद्रियां भी कुछ नहीं मन के अधीन हैं। मन और माया एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। मन हमें हर समय व्यस्त रखता है जैसे एक बच्चा खिलौनों से खेलने में व्यस्त रहता है। यह हमें ध्यान में बैठने नहीं देता है और हमें किसी न किसी तरह से परेशान करता रहता है।
आत्मा को एक पल के लिए भी वश में करना आसान नहीं है। सच तो यह है कि हमारी आत्मा ही आनंद का भंडार है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह परमात्मा का एक हिस्सा है, जो स्वयं शाश्वत आनंद का अवतार है। जिस क्षण हमारा मन और आत्मा अचल अवस्था में होते हैं, वह पल बहुत उत्कृष्ट होता है। इस स्तर पर हमें यह महसूस होता है कि हमारी इच्छाएं ही परेशानियों का स्रोत हैं।
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हमारी चौदह इंद्रियां भी कुछ नहीं मन के अधीन हैं। मन और माया एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। मन हमें हर समय व्यस्त रखता है जैसे एक बच्चा खिलौनों से खेलने में व्यस्त रहता है। यह हमें ध्यान में बैठने नहीं देता है और हमें किसी न किसी तरह से परेशान करता रहता है।
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आत्मा को एक पल के लिए भी वश में करना आसान नहीं है। सच तो यह है कि हमारी आत्मा ही आनंद का भंडार है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह परमात्मा का एक हिस्सा है, जो स्वयं शाश्वत आनंद का अवतार है। जिस क्षण हमारा मन और आत्मा अचल अवस्था में होते हैं, वह पल बहुत उत्कृष्ट होता है। इस स्तर पर हमें यह महसूस होता है कि हमारी इच्छाएं ही परेशानियों का स्रोत हैं।
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