मुआवजा: जम्मू-कश्मीर में बारिश से बर्बाद फसल की राहत राशि डलेगी खातों में, एक लाख किसान को राहत
प्रदेश में ओलावृष्टि में बर्बाद हुए धान की फसल का मुआवजा सीधे किसानों के खातों में डाला जाएगा। इसके लिए सभी किसानों के बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई धान की फसल की राहत राशि किसानों के सीधे खातों में डलेगा। इसके लिए किसानों के खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि पहले से ही प्रधानमंत्री कृषि योजना के तहत किसानों के खाते आधार से लिंक हैं और इनकी जानकारी राजस्व विभाग के पास है, जो इसमें शामिल नहीं हैं, इनकी जानकारी जुटाई जा रही है।
एक लाख से अधिक किसानों की फसल बारिश और ओलावृष्टि की भेंट चढ़ी है। जम्मू, सांबा, कठुआ में 80 हजार से ज्यादा किसान हैं, जिनको राहत मिलेगी। कठुआ के डीसी राहुल यादव का कहना है कि किसानों के सीधे खातों में ही राहत राशि जाएगी। अब तक 10 हजार के करीब किसानों को राहत राशि ट्रांसफर की गई है। इतने ही किसान बचे हुए हैं, जिनके खातों की जानकारी जुटाकर उनको राहत राशि दी जाएगी।
वहीं, जम्मू और सांबा जिलों में भी किसानों के खातों में ही पैसे जाएंगे। हालांकि किसानों का कहना है कि अभी तक उनको राहत राशि नहीं मिली है। सांबा में 22844 किसानों को राहत राशि मिलनी है।
ऊंट के मुंह में जीरा, वह भी देरी से
- तेजिंदर सिंह, प्रधान, किसान संघ, जेएंडके
किसानों की फसल बड़े स्तर पर खराब हुई है। लेकिन उनको सिर्फ प्राकृतिक आपदा के तहत ही राशि मिलनी है। इसमें भी देरी की जा रही है। यह ऊंट के मुंह में जीरे के सामान है। अभी कुछेक किसानों को ही मुआवजा मिला है। आधे से ज्यादा किसानों को नहीं मिला है। यदि अब तक पैसा मिल जाता तो वे गेहूं की बिजाई बिना परेशानी कर सकते हैं, क्योंकि किसानों की अगली फसल पिछली फसल की कमाई पर निर्भर करती है।