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रियासी: युवा कलाकारों में बेहतर करने की क्षमता, नेशनल ड्रामा फेस्टिवल शुरू होने से युवा उत्साहित
Fri, 02 Sep 2022 05:13 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, रियासी
अमर उजाला नेटवर्क, रियासी
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 02 Sep 2022 05:13 PM IST
सार
संगम थियेटर ग्रुप के निर्देशक मोहम्मद अकरम खान ने कहा कि ऑडिटोरियम का बनना हर एक कलाकार के लिए फायदेमंद है। सभी वर्गों के लोगों को इस का फायदा होगा। धीरे धीरे यहां पर मौजूद कमियों को मिल कर दूर करने की कोशिश होगी।
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Reasi
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रियासी में स्थानीय ऑडिटोरियम में वीरवार से नेशनल ड्रामा फेस्टिवल शुरू होने से युवा कलाकारों में उत्साह बना हुआ है। युवा कलाकार नीरज केसर के मुताबिक जिला में रंगमंच को ले कर काफी ज्यादा टैलेंट है, लेकिन उनको सही मंच नहीं मिल पाता था। वह लोग अपने नाटक करने ज्योतिपुरम जाते थे। ऑडिटोरियम बनने से युवा कलाकारों में स्टेज के प्रति लगाव बढ़ेगा घर के आस पास ही उन को अच्छा मंच मिल गया है। आने वाले दिनों में कई कलाकारों की प्रतिभा उभर कर सामने आएगी।
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अंजली अनंद के अनुसार उन को स्टेज पर नाटक करते काफी समय हो गया है। कई स्थानों पर जा कर अभिनय किया है। सुविधाओं के अभाव में अपने घर पर अभिनय करना काफी मुश्किल रहा। आने वाले दिनों में नगर तथा आसपास के कलाकार भी यहां पर आ कर अपनी प्रतिभा को दिखा सकेंगे। नाटक तथा अन्य कार्यक्रमों के लगातार जारी रहने से युवाओं को काफी फायदा होगा। संगम थियेटर ग्रुप के निर्देशक मोहम्मद अकरम खान ने कहा कि ऑडिटोरियम का बनना हर एक कलाकार के लिए फायदेमंद है।
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सभी वर्गों के लोगों को इस का फायदा होगा। धीरे धीरे यहां पर मौजूद कमियों को मिल कर दूर करने की कोशिश होगी। नेशनल ड्रामा फेस्टिवल का आयोजन रियासी में करवाने के लिए सांस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकार तथा पूर्ण सहयोग के लिए जिला प्रशासन का धन्यवाद है। सबरंग कला संगम के निर्देशक राजेश अजनबी ने कहा कि छोटा सा पौधा लगाया गया है। पहले कलाकारों को कई प्रकार की सुविधाओं के बिना काम करना पड़ता था।
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अब स्थानीय कलाकारों को स्टेज पर अपना सब से बेहतरीन करने का मौका मिलेगा। कई कारणों से काफी कलाकार बाहरी क्षेत्रों में जा कर अपनी प्रतिभा को नहीं दिखा पाते थे अब यहां से कई कलाकार निखर कर बाहर आएंगे। फेस्टिवल के बाद में भी कोशिश होगी कि रंगमंच को बढ़ावा देने का काम जारी रखा जाएगा।
राष्ट्रीय थिएटर उत्सव में स्पार्टाकस नाटक का सफल मंचन
रियासी। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से संगम थिएटर की तरफ से मिनी सचिवालय ऑडिटोरियम हॉल में एक सितंबर से शुरू किए पांच दिवसीय राष्ट्रीय थिएटर उत्सव के पहले दिन वीरवार को अभिनय कला मंच रियासी ने हिंदी नाटक स्पार्टाकस का सफल मंचन किया।
बादल सरकार लिखित नाटक का निर्देशन अभिनय कला मंच के निर्देशक शादाब खान ने किया। नाटक में रोम साम्राज्य की लगभग 2000 वर्ष पहले की स्थिति को दर्शाया गया। हुक्मरानों के अत्याचार ज्यादा होने के बाद सताए हुए लोग विद्रोह पर उतर कर रोम के लगभग आधे स्वराज्य का अंत कर डालते हैं। स्पार्टाकस इस नाटक का मुख्य किरदार है। नाटक में दर्शाया गया कि हुक्मरान गरीबों को गुलाम बनाकर उन पर अत्याचार करते हैं। भारी भरकम काम के लिए गुलामों को खरीदा जाता था और सारे काम उन्हीं से लिए जाते थे। गुलाम महिलाओं का शारीरिक शोषण करने के साथ ही उन पर कई जुल्म ढहाए जाते थे।
हुक्मरान अपने मनोरंजन के लिए समय समय पर चुनिंदा गुलामों के बीच छूरेबाजी के मुकाबले करवाते थे और दो में से एक की छूरेबाजी में मौत होने पर ही मुकाबला खत्म होता था। स्पार्टाकस और उसका जिगरी दोस्त दराबा छूरेबाजी में माहिर हैं और वे दोनों ही अलग-अलग मालिक के गुलाम होते हैं। लेकिन हालात इस कदर बन जाते हैं कि छूरेबाजी के एक मुकाबले में अपने खरीदारों एवं मालिक के आदेश पर वह दोनों मैदान में आमने-सामने उतरने पर मजबूर हो जाते हैं। उस मुकाबले में स्पार्टाकस के हाथों उसके जिगरी दोस्त दराबा की मौत हो जाती है।
आहत स्पार्टाकस यह सोचने पर मजबूर हो जाता है कि आखिर कब तक गुलाम बनकर गरीब लोग इस तरह का जुल्म सितम सहते रहेंगे। इसके बाद स्पार्टाकस रोम साम्राज्य के हुक्मरानों के खिलाफ जंग छेड़ देता है। इस नाटक में यह दर्शाया गया कि देश में अभी भी कई ऐसे हुक्मरान हैं जो गरीबों पर अत्याचार और जुल्म सितम ढा रहे हैं। नाटक में सभी कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया।
नाटक में शुभम साहनी ने स्पार्टाकस, अंजली आनंद ने वरिनिया, नीरज केसर ने सलोवियस, सचदेव सिंह और सावन ने राजा, नीतिका और नेहा ने रानी, शादाब खान ने दराबा, हरदीप भगत, धर्मेंद्र राठौर, वरुण खजुरिया, तरसेम कुमार, रोहित कुमार अनामिका देवी, व मुस्कान ने गुलाम तथा लकी और लकी डोगरा ने सिपाही व प्रीतम कुमार ने वटियाकस का किरदार निभाया। उत्सव में शुक्रवार को मनोरंजन कला केंद्र जम्मू की तरफ से पंजाबी नाटक परिंदे जान हूंन कित्थे का मंचन किया जाएगा। उत्सव की शुरुआत डीडीसी चेयरमैन सर्राफ सिंह नाग, डिप्टी चेयरमैन साजरा कादिर और एसएसपी अमित गुप्ता ने ज्योत प्रज्वलित कर किया।
रियासी। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से संगम थिएटर की तरफ से मिनी सचिवालय ऑडिटोरियम हॉल में एक सितंबर से शुरू किए पांच दिवसीय राष्ट्रीय थिएटर उत्सव के पहले दिन वीरवार को अभिनय कला मंच रियासी ने हिंदी नाटक स्पार्टाकस का सफल मंचन किया।
बादल सरकार लिखित नाटक का निर्देशन अभिनय कला मंच के निर्देशक शादाब खान ने किया। नाटक में रोम साम्राज्य की लगभग 2000 वर्ष पहले की स्थिति को दर्शाया गया। हुक्मरानों के अत्याचार ज्यादा होने के बाद सताए हुए लोग विद्रोह पर उतर कर रोम के लगभग आधे स्वराज्य का अंत कर डालते हैं। स्पार्टाकस इस नाटक का मुख्य किरदार है। नाटक में दर्शाया गया कि हुक्मरान गरीबों को गुलाम बनाकर उन पर अत्याचार करते हैं। भारी भरकम काम के लिए गुलामों को खरीदा जाता था और सारे काम उन्हीं से लिए जाते थे। गुलाम महिलाओं का शारीरिक शोषण करने के साथ ही उन पर कई जुल्म ढहाए जाते थे।
हुक्मरान अपने मनोरंजन के लिए समय समय पर चुनिंदा गुलामों के बीच छूरेबाजी के मुकाबले करवाते थे और दो में से एक की छूरेबाजी में मौत होने पर ही मुकाबला खत्म होता था। स्पार्टाकस और उसका जिगरी दोस्त दराबा छूरेबाजी में माहिर हैं और वे दोनों ही अलग-अलग मालिक के गुलाम होते हैं। लेकिन हालात इस कदर बन जाते हैं कि छूरेबाजी के एक मुकाबले में अपने खरीदारों एवं मालिक के आदेश पर वह दोनों मैदान में आमने-सामने उतरने पर मजबूर हो जाते हैं। उस मुकाबले में स्पार्टाकस के हाथों उसके जिगरी दोस्त दराबा की मौत हो जाती है।
आहत स्पार्टाकस यह सोचने पर मजबूर हो जाता है कि आखिर कब तक गुलाम बनकर गरीब लोग इस तरह का जुल्म सितम सहते रहेंगे। इसके बाद स्पार्टाकस रोम साम्राज्य के हुक्मरानों के खिलाफ जंग छेड़ देता है। इस नाटक में यह दर्शाया गया कि देश में अभी भी कई ऐसे हुक्मरान हैं जो गरीबों पर अत्याचार और जुल्म सितम ढा रहे हैं। नाटक में सभी कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया।
नाटक में शुभम साहनी ने स्पार्टाकस, अंजली आनंद ने वरिनिया, नीरज केसर ने सलोवियस, सचदेव सिंह और सावन ने राजा, नीतिका और नेहा ने रानी, शादाब खान ने दराबा, हरदीप भगत, धर्मेंद्र राठौर, वरुण खजुरिया, तरसेम कुमार, रोहित कुमार अनामिका देवी, व मुस्कान ने गुलाम तथा लकी और लकी डोगरा ने सिपाही व प्रीतम कुमार ने वटियाकस का किरदार निभाया। उत्सव में शुक्रवार को मनोरंजन कला केंद्र जम्मू की तरफ से पंजाबी नाटक परिंदे जान हूंन कित्थे का मंचन किया जाएगा। उत्सव की शुरुआत डीडीसी चेयरमैन सर्राफ सिंह नाग, डिप्टी चेयरमैन साजरा कादिर और एसएसपी अमित गुप्ता ने ज्योत प्रज्वलित कर किया।