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Jammu News: पॉलिटेक्निक कॉलेज में खुली दीदी की रसोई, मिलेगा पौष्टिक और घर का खाना
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रियासी।दीदी की रसोई का उद्घाटन करते डीसी निधि मलिक।फोटो स्तोत्र,प्रशासन।
संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। महिला सशक्तीकरण और सामुदायिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उपायुक्त निधि मलिक ने वीरवार को राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज रियासी में दीदी की रसोई कैंटीन का उद्घाटन किया। इस कैंटीन मेंं छात्रों, शिक्षकों, आगंतुकों और आम जनता को सस्ते दाम पर पौष्टिक और घर का बना भोजन मिलेगा।
यह कैंटीन दीनदयाल अंत्योदय योजना व राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से संचालित है। उद्घाटन समारोह में परियोजना अधिकारी जाफर आजाद, पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रधानाचार्य इंजीनियर अरुण बंगोत्रा और जिला सूचना अधिकारी रियासी व अन्य पस्थित थे। यह पहल दोहरे उद्देश्य को पूरा करेगी। पहला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आय का एक स्थायी स्रोत प्रदान करना और दूसरा समुदाय के बेहतर स्वास्थ्य व पोषण में योगदान देते हुए स्वच्छ और उचित मूल्य पर भोजन उन तक पहुंचाना।
स्वयं सहायता समूह सदस्यों के लिए उद्यमशीलता क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच के रूप में भी कार्य करता है। लोगों को संबोधित करते डीसी निधि मलिक ने इस पहल को शुरू करने में स्वयं सहायता समूह के सदस्यों और संबंधित विभागों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने महिलाओं के लिए आर्थिक स्वतंत्रता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दीदी की रसोई उनके आत्मविश्वास, कौशल और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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उपायुक्त ने आगे दोहराया कि जिला प्रशासन समग्र और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। स्थानीय विकास में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए रियासी में इसी तरह की पहल को बढ़ावा दिया जाएगा। इस अवसर पर कैंटीन स्थल पर सिल्वर ओक और सुख चैन के पौधे लगाए गए। यह हरित पहल सद्भाव, समृद्धि और पर्यावरणीय जागरूकता का प्रतीक है जो प्रशासन के सतत विकास और सामुदायिक कल्याण पर केंद्रित है।
दीदी की रसोई का शुभारंभ डीएवाई-एनयूएलएम योजना के मूल मूल्यों को दर्शाता है जो हाशिए पर रहने वाली महिलाओं को कौशल विकास, उद्यमिता और वित्तीय स्वतंत्रता के अवसर प्रदान करता है। यह पहल सशक्तीकरण और प्रगति का एक आदर्श उदाहरण है जो आत्मनिर्भर और स्वस्थ रियासी जिले के दृष्टिकोण को सुदृढ़ करता है।
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रियासी। महिला सशक्तीकरण और सामुदायिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उपायुक्त निधि मलिक ने वीरवार को राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज रियासी में दीदी की रसोई कैंटीन का उद्घाटन किया। इस कैंटीन मेंं छात्रों, शिक्षकों, आगंतुकों और आम जनता को सस्ते दाम पर पौष्टिक और घर का बना भोजन मिलेगा।
यह कैंटीन दीनदयाल अंत्योदय योजना व राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से संचालित है। उद्घाटन समारोह में परियोजना अधिकारी जाफर आजाद, पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रधानाचार्य इंजीनियर अरुण बंगोत्रा और जिला सूचना अधिकारी रियासी व अन्य पस्थित थे। यह पहल दोहरे उद्देश्य को पूरा करेगी। पहला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आय का एक स्थायी स्रोत प्रदान करना और दूसरा समुदाय के बेहतर स्वास्थ्य व पोषण में योगदान देते हुए स्वच्छ और उचित मूल्य पर भोजन उन तक पहुंचाना।
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स्वयं सहायता समूह सदस्यों के लिए उद्यमशीलता क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच के रूप में भी कार्य करता है। लोगों को संबोधित करते डीसी निधि मलिक ने इस पहल को शुरू करने में स्वयं सहायता समूह के सदस्यों और संबंधित विभागों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने महिलाओं के लिए आर्थिक स्वतंत्रता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दीदी की रसोई उनके आत्मविश्वास, कौशल और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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उपायुक्त ने आगे दोहराया कि जिला प्रशासन समग्र और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। स्थानीय विकास में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए रियासी में इसी तरह की पहल को बढ़ावा दिया जाएगा। इस अवसर पर कैंटीन स्थल पर सिल्वर ओक और सुख चैन के पौधे लगाए गए। यह हरित पहल सद्भाव, समृद्धि और पर्यावरणीय जागरूकता का प्रतीक है जो प्रशासन के सतत विकास और सामुदायिक कल्याण पर केंद्रित है।
दीदी की रसोई का शुभारंभ डीएवाई-एनयूएलएम योजना के मूल मूल्यों को दर्शाता है जो हाशिए पर रहने वाली महिलाओं को कौशल विकास, उद्यमिता और वित्तीय स्वतंत्रता के अवसर प्रदान करता है। यह पहल सशक्तीकरण और प्रगति का एक आदर्श उदाहरण है जो आत्मनिर्भर और स्वस्थ रियासी जिले के दृष्टिकोण को सुदृढ़ करता है।