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घाटी में हिंसा की आड़ में बड़ा राशन घोटाला
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Thu, 08 Sep 2016 11:38 AM IST
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राशन घोटाला
- फोटो : file photo
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क्राइम ब्रांच कश्मीर ने पुलवामा जिले में बड़े राशन घोटाले का पर्दाफाश किया है। बुधवार को दक्षिण कश्मीर में क्राइम ब्रांच ने फूड सिविल सप्लाइज एंड कंज्यूमर अफेयर्स (एफसीएससीए) विभाग के गोदाम में छापा मारा।
जांच में राशन को लेकर कई तरह की धांधली पाई गई। जांच में पाया गया कि करोड़ों रुपये के राशन को ब्लैक किया गया है। घाटी में हिंसा की आड़ में यह सब किया गया है।
क्राइम ब्रांच की टीम ने अवंतीपोरा और पुलवामा में सुबह कई छापे मारे। जब विभाग का रिकार्ड चेक किया गया तो पाया गया कि राशन को लेकर करोड़ों रुपये की ब्लैक मार्केटिंग की गई है।
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जांच में राशन को लेकर कई तरह की धांधली पाई गई। जांच में पाया गया कि करोड़ों रुपये के राशन को ब्लैक किया गया है। घाटी में हिंसा की आड़ में यह सब किया गया है।
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क्राइम ब्रांच की टीम ने अवंतीपोरा और पुलवामा में सुबह कई छापे मारे। जब विभाग का रिकार्ड चेक किया गया तो पाया गया कि राशन को लेकर करोड़ों रुपये की ब्लैक मार्केटिंग की गई है।
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कर्फ्यू में महंगे दामों पर भेजे राशन
घोटाला
- फोटो : Demp Pic.
जांच में यह भी पाया गया कि पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के नाम पर शुरू की गई बीपीएल परिवारों के लिए राशन स्कीम में धांधलियां की गई हैं। इसमें विभाग के अधिकारियों और डीलरों ने मिलकर धांधली की है।
अधिकारियों ने हजारों क्विंटल राशन अपने सगे संबंधियों को और ब्लैक करने का काम किया। सरकारी राशन को खुले में महंगे दाम पर बेचा गया। हिंसा की वजह से सब बंद होने का अधिकारियों ने लाभ उठाया और लोगों को महंगे दाम पर राशन ब्लैक किया।
जिला मजिस्ट्रेट की उपस्थित में क्राइम ब्रांच ने पाया कि अवैध रूप से राशन को स्टोर करके रखा गया, जिसे मार्केट में ब्लैक किया जाना था। छापे की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारी मौके से फरार हो गए।
अधिकारियों ने हजारों क्विंटल राशन अपने सगे संबंधियों को और ब्लैक करने का काम किया। सरकारी राशन को खुले में महंगे दाम पर बेचा गया। हिंसा की वजह से सब बंद होने का अधिकारियों ने लाभ उठाया और लोगों को महंगे दाम पर राशन ब्लैक किया।
जिला मजिस्ट्रेट की उपस्थित में क्राइम ब्रांच ने पाया कि अवैध रूप से राशन को स्टोर करके रखा गया, जिसे मार्केट में ब्लैक किया जाना था। छापे की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारी मौके से फरार हो गए।