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सख्त कदम से ही काबू होंगे कश्मीर के हालात: राम माधव
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Sun, 11 Sep 2016 12:21 AM IST
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भाजपा नेता राम माधव
- फोटो : Demo Pic.
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भाजपा नेता राम माधव ने जम्मू कश्मीर की अशांति पर काबू पाने के लिए शनिवार को कड़े कदम उठाने का समर्थन किया और कहा कि अलगाववादियों को आंदोलन की राह त्याग कर बातचीत का विकल्प चुनना चाहिए।
पार्टी महासचिव ने यह भी कहा कि राज्य की पीडीपी-भाजपा सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी क्योंकि दोनों पार्टियां न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीपीएम) से बंधी हैं और उचित तरीके से हालात से निपट रही हैं।
इंडिया टीवी टुडे पर करण थापर को दिए इंटरव्यू में माधव ने कहा, ‘आरोप लगाया जाता है कि हालात पर हम प्रभावी ढंग से काबू पाने में नाकाम रहे। हमने कुछ चीजों में ढील दी है । लेकिन अब कड़े कदम उठाने और घाटी की जनता तथा देश की एकता के व्यापक हित में हालात पर काबू पाने का वक्त आ गया है।’
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पार्टी महासचिव ने यह भी कहा कि राज्य की पीडीपी-भाजपा सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी क्योंकि दोनों पार्टियां न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीपीएम) से बंधी हैं और उचित तरीके से हालात से निपट रही हैं।
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इंडिया टीवी टुडे पर करण थापर को दिए इंटरव्यू में माधव ने कहा, ‘आरोप लगाया जाता है कि हालात पर हम प्रभावी ढंग से काबू पाने में नाकाम रहे। हमने कुछ चीजों में ढील दी है । लेकिन अब कड़े कदम उठाने और घाटी की जनता तथा देश की एकता के व्यापक हित में हालात पर काबू पाने का वक्त आ गया है।’
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'अलगाववादी हिंसा भड़काने में रखते हैं दिलचस्पी'
राम माधव
- फोटो : Amar Ujala
हुर्रियत के साथ बातचीत करने की देश के मुख्य दलों की मांग पर माधव ने कहा कि वे राज्य सरकार से बात करने के लिए स्वतंत्र हैं क्योंकि सीएमपी के मुताबिक राज्य सरकार अलगाववादियों सहित सभी पक्षकारों से बात कर सकती है। क्या गेंद अब हुर्रियत के पाले में चली गई है, इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘बहुत हद तक। उन्हें आंदोलनकारी राजनीति छोड़नी होगी। इससे उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा। मैं उन्हें बहुत स्पष्ट बताना चाहता हूं।’
माधव ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्यों से अलगाववादियों के बात नहीं करने पर भी कड़ी प्रतिक्रिया जताई और कहा कि अलगाववादियों की नकारात्मक प्रतिक्रिया से लगता है कि वे सिर्फ हिंसा भड़काने में ही दिलचस्पी रखते हैं।
उन्होंने कहा कि ये अलगाववादी शांति में यकीन नहीं रखते और न ही बातचीत में उनकी दिलचस्पी है। वे हिंसा में विश्वास रखते हैं और बच्चों को मौत के मुंह में धकेलना चाहते हैं।
माधव ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्यों से अलगाववादियों के बात नहीं करने पर भी कड़ी प्रतिक्रिया जताई और कहा कि अलगाववादियों की नकारात्मक प्रतिक्रिया से लगता है कि वे सिर्फ हिंसा भड़काने में ही दिलचस्पी रखते हैं।
उन्होंने कहा कि ये अलगाववादी शांति में यकीन नहीं रखते और न ही बातचीत में उनकी दिलचस्पी है। वे हिंसा में विश्वास रखते हैं और बच्चों को मौत के मुंह में धकेलना चाहते हैं।