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नेकां-पीडीपी राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया रोक रहीं, 35-ए तो बहाना: राम माधव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 11 Sep 2018 09:28 PM IST
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राम माधव ने कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मालिक से मुलाकात
- फोटो : अमर उजाला
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भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राममाधव ने कहा है कि अनुच्छेद 35-ए के बहाने राज्य की दो बड़ी पार्टियां नेकां व पीडीपी निकाय व पंचायत चुनाव से भाग रही हैं। साथ ही रियासत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को रोकने की कोशिश कर रही हैं। यह अवसरवादी राजनीति है। उन्होंने दोनों पार्टियों से फैसले पर पुनर्विचार करने और चुनाव में शामिल होने की अपील की। कहा,भाजपा पूरी मजबूती के साथ इन दोनों चुनावों में हिस्सा लेगी।
पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के बाद मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए राममाधव ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य की दो प्रमुख व जिम्मेदार पार्टियां बहाने बना रही हैं जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया विफल हो जाए।
अनुच्छेद 35-ए को बहाना बनाया जा रहा है जिसकी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। यदि यही वजह थी तो फिर उन्होंने कारगिल के चुनाव में हिस्सा क्यों लिया? अब सरकार जब जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को बहाल करने की कोशिश कर रही है, गांव के लोगों को सत्ता देने का प्रयास कर रही है तो हमेशा से परिवार की राजनीति करने वाली दो प्रमुख पार्टियां अपने को असहज महसूस करने लगी हैं। वह नहीं चाहतीं कि सत्ता का विकेंद्रीकरण हो और गांव के लोगों को सत्ता का अधिकार मिले। इस वजह से इस प्रक्रिया को रोकने की कोशिशें हो रही हैं।
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पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के बाद मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए राममाधव ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य की दो प्रमुख व जिम्मेदार पार्टियां बहाने बना रही हैं जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया विफल हो जाए।
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अनुच्छेद 35-ए को बहाना बनाया जा रहा है जिसकी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। यदि यही वजह थी तो फिर उन्होंने कारगिल के चुनाव में हिस्सा क्यों लिया? अब सरकार जब जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को बहाल करने की कोशिश कर रही है, गांव के लोगों को सत्ता देने का प्रयास कर रही है तो हमेशा से परिवार की राजनीति करने वाली दो प्रमुख पार्टियां अपने को असहज महसूस करने लगी हैं। वह नहीं चाहतीं कि सत्ता का विकेंद्रीकरण हो और गांव के लोगों को सत्ता का अधिकार मिले। इस वजह से इस प्रक्रिया को रोकने की कोशिशें हो रही हैं।
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आतंकियों की धमकी कोई नई बात नहीं
चुनाव को लेकर आतंकियों की ओर से धमकी किए जाने संबंधी सवाल पर कहा कि आतंकी हमेशा से राज्य के लोगों के अधिकार के साथ खिलवाड़ करते रहे हैं। अब जब यहां के लोगों को लोकतांत्रिक अधिकार देने की बात चल रही है तो वे फिर उन्हें धमकाने में लगे हैं। यह यहां के लिए कोई नई बात नहीं है। विश्वास है कि सरकार सुरक्षा के पूरे इंतजाम करेगी।
सरकार बनाने का प्रयास नहीं
राममाधव ने साफ कहा है कि भाजपा राज्य में इस समय सरकार बनाने का प्रयास नहीं कर रही है। उसका पूरा ध्यान निकाय व पंचायत चुनाव पर है जो सही तरीके से सपंन्न हो जाए। यदि दूसरे दल सरकार बनाने का प्रयास कर रहे हों तो वह कुछ नहीं कह सकते।
राज्यपाल से मिलकर निकाय चुनाव पर पार्टी की राय रखी
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राममाधव ने मंगलवार को राजभवन में राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलकर उन्हें निकाय व पंचायत चुनाव के बारे में पार्टी की राय से अवगत कराया। उन्होंने निर्धारित समय पर चुनाव कराने की वकालत की। कहा कि जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने और लोगों को सीधे अपने कस्बों व गांवों के विकास के साथ जोड़ने के लिए यह चुनाव जरूरी हैं। उन्होंने रियासत के सभी खित्तों में समान विकास तथा अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की।